कैथल: गांव डीग में हत्या और मारपीट के मामले में अदालत ने नौ आरोपियों को सुनाई सजा, छह को उम्रकैद

कैथल में वर्ष 2022 के दौरान गांव डीग में हुए हत्या और मारपीट के एक गंभीर मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सेशन जज डॉ. नंदिता कौशिक की अदालत ने शुक्रवार को कुल नौ आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। इस मामले में पुलिस ने पांच फरवरी 2022 को गांव पबनावा निवासी जसबीर की शिकायत पर थाना पूंडरी में हत्या का केस दर्ज किया था। शिकायत पक्ष की ओर से इस पूरे मामले की पैरवी एडीए कुलदीप गर्ग द्वारा की गई थी।
छह दोषियों को उम्रकैद और जुर्माना
अदालत ने अपने फैसले में छह प्रमुख दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इन दोषियों में गांव डीग निवासी धनपत, अंकित, बलिंदर, राजीव व कंवरभान और पानीपत निवासी अमित शामिल हैं। अदालत ने इन सभी छह दोषियों पर प्रत्येक 1.60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यदि कोई दोषी जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे एक-एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत के आदेश के अनुसार यह जुर्माने की राशि मृतक के परिजनों को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।
अन्य दोषियों को अलग-अलग सजा
अदालत ने अन्य आरोपियों को भी उनकी भूमिका के आधार पर सजा सुनाई है। आरोपी सुल्तान को पांच वर्ष की कैद और 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में उसे छह महीने की अतिरिक्त कैद काटनी होगी। इसके अलावा विकास को तीन वर्ष की कैद और 30 हजार रुपये का जुर्माना तथा जुर्माना न देने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा सुनाई गई है। वहीं जगदेव को एक वर्ष की कैद और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा मिली है, तथा जुर्माना न भरने पर उसे दस दिन की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
जमीन का विवाद और घटना का विवरण
अभियोजन पक्ष के अनुसार यह पूरा विवाद जगदेव द्वारा अपनी बहन आरती के नाम पर खरीदी गई जमीन के एक टुकड़े को लेकर शुरू हुआ था। घटना वाले दिन जगदेव और उसके साथी उसके कार्यालय में एकत्र हुए थे। इस दौरान आरोपी विकास के पास रिवॉल्वर और डबल बैरल बंदूक थी और उसने पांच राउंड फायर किए थे। इसके बाद जगदेव और उसके साथी धनपत व होशियार सिंह के घर की तरफ गए, जहां दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई थी।
मारपीट में हुई मौत और पुलिस कार्रवाई
आरोप है कि इस मारपीट के दौरान धनपत और उसके साथियों ने अंकित को पकड़ लिया था और उसके साथ मारपीट की थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले की जांच पूरी करने के बाद आरोपियों के खिलाफ चालान अदालत में पेश किया था। इस मामले की प्रक्रिया के दौरान एक आरोपी अंकुश की ट्रायल के दौरान मौत हो गई थी। वहीं, रिंकू और दीपक को बाद में गिरफ्तार किया गया था और उनके खिलाफ मामले की सुनवाई अभी अदालत में लंबित है।