जींद में तूफानी बारिश और तेज हवाओं ने ढाया कहर, 700 पेड़ और 159 बिजली पोल गिरे

जींद में बुधवार रात को आए भयानक तूफान और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। जिलाभर में लगभग 700 पेड़ गिर गए हैं। इसके अलावा 159 बिजली के पोल और दो ट्रांसफार्मर भी जमीन पर गिर पड़े। हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रतिघंटा दर्ज की गई थी। तेज हवा के साथ बौछारों के साथ भारी बारिश भी हुई।
जिले में औसतन 13.57 एमएम बारिश दर्ज की गई है। जींद में सबसे ज्यादा 37 एमएम बारिश दर्ज की गई है। नरवाना में 14 एमएम, सफीदों में 18 एमएम और जुलाना में 11 एमएम बारिश हुई। उचाना में दो एमएम, पिल्लूखेड़ा में 10 एमएम और अलेवा में तीन एमएम बारिश दर्ज की गई।
इस बारिश के कारण तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम बहुत सुहाना बना रहा है। वीरवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम में आद्रता 57 प्रतिशत और हवा की गति पांच किलोमीटर प्रतिघंटा दर्ज की गई।
सड़क और रेल यातायात पर असर
काफी संख्या में पेड़ और बिजली के खंभे टूटकर सड़कों पर गिर गए थे। इससे रास्ते पूरी तरह से बाधित हो गए और बिजली व्यवस्था भी चौपट हो गई। बिजली गुल होने के कारण पेयजल सप्लाई भी बाधित हो गई। पंजाब मेल ट्रेन नंबर 12137 अपने निर्धारित समय पौने 12 बजे की जगह सवा दो बजे आई।
कैथल में उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन की पावर में फाल्ट आ गया था। इस तकनीकी खराबी के चलते ट्रेन वहीं खड़ी रही। इस कारण ट्रेन नंबर 54037 कुरुक्षेत्र-जींद पैसेंजर अपने निर्धारित समय दोपहर 12 बजकर 10 मिनट की जगह शाम लगभग साढ़े पांच बजे पहुंची। हांसी रोड पर पेड़ ज्यादा टूटने के कारण जींद-हांसी रूट पर चलने वाली बस अपने निर्धारित समय से एक घंटा लेट रही।
दुकानों के बोर्ड उखड़े और फसलों को फायदा
दुकानों के बाहर लगे होर्डिंग, बोर्ड और फैलेक्स भी तेज हवा में उखड़कर सड़कों पर जा गिरे। तूफानी बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। हालांकि राहत की बात यह है कि खेतों में खड़ी फसलों के लिए यह बारिश बहुत फायदेमंद रही है। गनीमत यह रही कि इस तूफानी बारिश की वजह से किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।
मौसम विभाग की आगे की जानकारी
मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजेश ने इस बारे में पूरी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि लौटते मानसून के एक्टिवेट होने के कारण यह तेज हवा और बारिश हुई है। आने वाले समय में मौसम में बादलवाई देखने को मिलेगी और तापमान में भी इजाफा होगा। 19 व 20 सितंबर को एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से तेज हवाओं के साथ एक बार फिर से बारिश हो सकती है।