जींद में खेल स्टेडियमों के कायाकल्प के लिए सरकार ने जारी की 114 करोड़ रुपये की राशि, मंत्री गौरव गौतम ने दी जानकारी

जींद में खेल स्टेडियमों के कायाकल्प के लिए सरकार ने जारी की 114 करोड़ रुपये की राशि, मंत्री गौरव गौतम ने दी जानकारी

जींद में खेल सुविधाओं के विस्तार और आमजन की शिकायतों के समाधान को लेकर सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के खेल स्टेडियमों के सुदृढ़ीकरण एवं सुधार के लिए 114 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। इस राशि का उपयोग करके लोक निर्माण विभाग यानी भवन एवं सड़कें विभाग द्वारा विभिन्न खेल स्टेडियमों में जरूरी विकास और सुधार कार्य करवाए जा रहे हैं। यह जानकारी खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने दी है।

डीआरडीए सभागार में हुई जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक

खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने शुक्रवार को जींद के डीआरडीए सभागार में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 13 शिकायतें और परिवाद सुनवाई के लिए रखे गए थे। इन सभी शिकायतों पर गंभीरता से विचार किया गया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

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शिकायतों का मौके पर ही किया गया निपटारा

बैठक में रखे गए कुल परिवादों में से 11 परिवादों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। जबकि शेष बचे मामलों में संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई पूरी करें और समाधान सुनिश्चित करें। मंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों की प्रगति रिपोर्ट अगली बैठक में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए।

शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं

खेल मंत्री गौरव गौतम ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि कष्ट निवारण समिति के समक्ष आने वाले प्रत्येक परिवाद को पूरी गंभीरता से लिया जाना चाहिए। आमजन को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ने चाहिए। जनहित से जुड़े सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाना चाहिए और पूरी पारदर्शिता तथा जवाबदेही के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत का समयबद्ध समाधान होने से नागरिकों को बड़ी राहत मिलती है और प्रशासन के प्रति उनका विश्वास मजबूत होता है। जिन मामलों का समाधान विभागीय स्तर पर आसानी से संभव है, उन्हें प्राथमिकता से निपटाया जाए और शिकायतकर्ता को कार्रवाई की स्थिति से भी समय-समय पर अवगत करवाया जाए।

अगली बैठक से पहले मांगी गई लंबित मामलों की रिपोर्ट

मंत्री गौरव गौतम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समिति की बैठक केवल शिकायतें सुनने तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए। प्रत्येक परिवाद के अंतिम समाधान तक उसकी सतत निगरानी करना बहुत जरूरी है। उन्होंने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे अगली बैठक से पहले सभी लंबित मामलों की प्रगति रिपोर्ट तैयार कर उसे प्रस्तुत करें और साथ ही शिकायतकर्ताओं को भी की गई कार्रवाई की पूरी जानकारी दें।

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