दूध बेचकर गुजारा, राशन डिपो पर मिली बेटी की ऐतिहासिक जीत की खबर, 2 गोल्ड जीतकर जींद की बेटी ने रच दिया इतिहास

SAHAB RAM1 October 20262 min read0 viewsजींद
दूध बेचकर गुजारा, राशन डिपो पर मिली बेटी की ऐतिहासिक जीत की खबर,  2 गोल्ड जीतकर जींद की बेटी ने रच दिया इतिहास

खेल और खिलाड़ियों की बदौलत देश-दुनिया में अपनी विशेष पहचान बना चुकी हरियाणा की युवा प्रतिभा जापान में चल रहे एशियाई खेलों में भी अपनी बादशाहत कायम किए हुए हैं। हरियाणा प्रदेश के कई खिलाड़ियों ने पदक जीतकर विदेशी सरजमीं पर फिर से भारत का नाम रोशन किया है। इसी कड़ी में जींद जिले के गांव संगतपुरा की बेटी नीरू ढांडा ने एशियाई खेलों में एक नही बल्कि 2 गोल्ड मेडल जीतकर नया इतिहास रच दिया है।

किसान परिवार की बेटी ने रचा इतिहास

एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली 26 वर्षीय निशानेबाज नीरू ढांडा ने एशियाई खेलों में दो गोल्ड जीतकर नया कीर्तिमान बनाया है। नीरू महिला ट्रैप स्पर्धा में रिकॉर्ड प्रदर्शन के साथ गोल्ड मेडल जीतकर एशियाई खेलों में व्यक्तिगत शॉटगन स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गईं हैं।

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नीरू ढांडा के माता-पिता ने बताया कि उन्होंने बेटी को खेल के लिए हरसंभव सहयोग किया। भले ही उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं रही हो लेकिन बेटी को खेल क्षेत्र में आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी और आज उसी का सकारात्मक परिणाम मिला है कि हमारी बेटी ने एशियाई खेलों में इतिहास रचते हुए दो गोल्ड मेडल जीते हैं।

नीरू की मां ने बताया कि वह दूध बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। वह डिपो पर राशन लेने गई हुई थी और वहीं पर उन्हें पड़ोसी के मोबाइल पर खबर सुनी कि नीरू ने गोल्ड मेडल जीता है। इस खबर को सुनते ही उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वहां उपस्थित सभी लोगों ने उन्हें बधाई दी और बेटी नीरू के उज्जवल भविष्य की कामना की। मां ने बताया कि इस प्रतियोगिता से पहले बेटी नीरू डेंगू से पीड़ित थी लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और बीमारी पर काबू पाते हुए और ज्यादा मजबूती से खेल मैदान में वापसी की।

जोरदार स्वागत से होगा सम्मान

संगतपुरा गांव के सरपंच ने बताया कि बेटी नीरू ढांडा ने एशियाई खेलों में नए रिकॉर्ड के साथ पदक जीतकर विश्व पटल पर भारत का नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिख दिया है। उन्होंने देश के साथ-साथ हरियाणा और गांव संगतपुरा के नाम को भी नई पहचान दिलाई है। अब उनके गांव लौटने का इंतजार हो रहा है जहां फूलमालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ चैंपियन बेटी का जोरदार स्वागत किया जाएगा।

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