जींद में राष्ट्रीय काजला खाप की बैठक: बेटियों की शिक्षा और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ कड़े प्रस्ताव पास

जींद में राष्ट्रीय काजला खाप की बैठक: बेटियों की शिक्षा और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ कड़े प्रस्ताव पास

जींद में रविवार को जाट धर्मशाला में राष्ट्रीय काजला खाप की वार्षिक बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक राष्ट्रीय काजला खाप के राष्ट्रीय सलाहकार एवं पूर्व विधायक सूरजभान काजल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में विभिन्न सामाजिक समस्याओं पर गंभीर मंथन किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किए गए।

बेटियों की शिक्षा और सम्मान पर जोर

बैठक में बेटियों की शिक्षा और संस्कार पर विशेष जोर देने का निर्णय लिया गया। शिक्षा, नौकरी और व्यापार के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करने वाले बच्चों को खाप वार्षिक सम्मेलन में सम्मानित करेगी। राष्ट्रीय काजला खाप के राष्ट्रीय सलाहकार एवं पूर्व विधायक सूरजभान काजल ने बताया कि बैठक में कई प्रस्ताव पारित किए गए हैं।

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गरीब बच्चों की मदद और नशा मुक्ति का संकल्प

काजला गौत्र के गरीब और अनाथ बच्चों की पढ़ाई के लिए खाप कोष से मदद की जाएगी। युवाओं में नशे के खिलाफ संकल्प लेने की बात कही गई। विवाह और खुशी के अवसर पर डीजे बजाने पर सामूहिक रोक लगाने का संदेश और जोर दिया गया। मृत्यु भोज पर पूरी तरह से प्रतिबंध को और कठोरता से लागू करने का फैसला लिया गया।

दहेज और अन्य कुरीतियों का विरोध

दहेज मुक्त शादी को बढ़ावा दिया जाएगा और दहेज लेने तथा देने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। समगोत्र, सम गांव विवाह और लिव इन रिलेशन जैसी कुरीतियों का पुरजोर विरोध करने का प्रस्ताव पारित किया गया। अगर काजला परिवार के किसी भी सदस्य ने ऐसा कदम उठाया तो उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। बहू और बेटियों की शिक्षा, नौकरी और सम्मान के लिए खाप का खुला समर्थन रहेगा और बेटियों को मंच पर भी बराबर जगह मिलेगी।

संगठन का विस्तार और पर्यावरण संरक्षण

सभी की एकता और पुराने मनमुटाव को खत्म करने के लिए नौ राज्यों की एक कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें हर राज्य से 11 सदस्य शामिल हैं। काजला खाप में युवा विंग और संगठन को मजबूती देने के लिए हर जिले में युवा अध्यक्ष और सक्रिय पदाधिकारियों को जिम्मेदारी देने पर विचार किया गया। बुजुर्गों के अनुभव से मार्गदर्शन लिया जाएगा और उनका सम्मान किया जाएगा। राष्ट्रीय काजला खाप का हर सदस्य एक पेड़ मां के नाम अभियान चलाएगा और देश के पर्यावरण को बचाने का काम करेगा। दहेज से जुड़े मामले में सजायाफ्ता परिवार का भी बहिष्कार करने का फैसला लिया गया।

ट्रेड डील का विरोध

केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के दबाव में किसान, मजदूर और आमजन विरोधी ट्रेड डील पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसे किसानों के डेथ वॉरंट पर हस्ताक्षर करने जैसा बताया गया है और यह किसानों को पूर्णतया से उजाड़ने व मारने जैसा काम है।

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