जींद में नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में युवक को तीन साल की कठोर सजा और जुर्माना

जींद में अदालत ने एक अहम फैसला सुनाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पोक्सो) शिफा की अदालत ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया है। अदालत ने नाबालिग लड़की को घर से बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में दोषी को सजा सुनाई है। दोषी को तीन वर्ष का कठोर कारावास व पांच हजार रुपये की सजा सुनाई गई है।
पुलिस में दर्ज कराई गई थी शिकायत
यह पूरा मामला अभियोजन पक्ष के अनुसार सामने आया है। रोहतक रोड जींद पुलिस चौकी में शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसकी 14 वर्षीय बेटी घर से लापता हो गई है। परिवार के लोगों ने आसपास काफी तलाश की थी। रिश्तेदारी में भी पूछताछ की गई थी लेकिन बेटी का कोई सुराग नहीं लगा था। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था।
पुलिस जांच और आरोपित की गिरफ्तारी
शहर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर कार्रवाई की। पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर नाबालिग लड़की को नियमानुसार बरामद कर लिया था। जांच के दौरान सामने आया कि भिवानी रोड निवासी सागर नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले गया था। पुलिस ने आरोपित सागर को नियमानुसार गिरफ्तार करके न्यायालय में चालान पेश किया था।
अदालत का फैसला और सजा
पुलिस द्वारा अदालत में ठोस साक्ष्य पेश किए गए थे। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पोक्सो) शिफा की अदालत ने इन ठोस साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया। अदालत ने नाबालिग लड़की को घर से बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में सागर को दोषी करार दिया। दोषी को तीन वर्ष का कठोर कारावास व पांच हजार रुपये की सजा सुनाई गई है। जुर्माना राशि अदा न करने पर दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।