जींद में कांग्रेस सम्मेलन: कुमारी शैलजा ने कहा- कांग्रेस में गड़बड़ी किसने की, इस पर भी मंथन जरूरी

जींद में आयोजित हुआ कांग्रेस का ब्लॉकस्तरीय सम्मेलन
- जींद के उचाना स्थित राजीव गांधी महाविद्यालय उचाना प्रांगण में शनिवार को कांग्रेस के ब्लॉकस्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया गया था।
- इस सम्मेलन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और प्रदेश प्रभारी संजय दत्त पहुंचे थे।
- पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह, सांसद कुमारी शैलजा और पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह भी इस सम्मेलन में शामिल हुए थे।
- पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा और विधायक आदित्य सुरजेवाला सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी इस मीटिंग में पहुंचे थे।
राहुल गांधी के आह्वान का समर्थन और बीजेपी नीतियों के खिलाफ लड़ाई
मीटिंग में एक विशेष प्रस्ताव पास किया गया था। इस प्रस्ताव के तहत राहुल गांधी के द्वारा प्रतिरोध के आह्वान का समर्थन किया गया था। हजारों की संख्या में सड़कों पर उतरकर बीजेपी की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ निरंतर लड़ाई जारी रखने का फैसला लिया गया था।
हरियाणा में कांग्रेस को सत्ता में वापस लाने का लक्ष्य
राव नरेंद्र सिंह ने कहा था कि हरियाणा में कांग्रेस को सत्ता में वापस लाने के लिए कार्यकर्ताओं को अभी से मैदान में उतरना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से 70 विधानसभा सीटें जीतने के लक्ष्य के साथ काम करने का जोरदार आह्वान किया था।
कांग्रेस के अंदर की गुटबाजी पर बीरेंद्र सिंह का बयान
पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कांग्रेस के अंदर चल रही गुटबाजी को लेकर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस में दो तरह के लोग मौजूद हैं। एक वे लोग हैं जिनके दिल में पूरी तरह से कांग्रेस बसती है। दूसरे वे लोग हैं जो कांग्रेस पार्टी के भीतर घुस रहे हैं।
कांग्रेस में दूरी और गड़बड़ी पर कुमारी शैलजा का सवाल
कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने बीरेंद्र सिंह के भाजपा में जाने के संदर्भ में बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि वे किन परिस्थितियों में भाजपा के पाले में गए, यह बात आज हर कोई अच्छी तरह जानता है। उन्होंने पार्टी के भीतर एकजुटता की बात पर एक तीखा सवाल उठाया था। शैलजा ने कहा था कि जब कांग्रेस में सभी नेता और कार्यकर्ता साथ थे, तो आखिर यह दूरी किसने पैदा की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि पार्टी के भीतर आखिर यह गड़बड़ी किसने की थी, इस बात पर भी गंभीरता से विचार होना चाहिए।
नेता और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने की जरूरत
कुमारी शैलजा ने कहा था कि सत्ता और संगठन की जिम्मेदारी जिन भी नेताओं के हाथों में रही है। उन सभी नेताओं को अपने सभी साथियों और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना चाहिए था। लेकिन स्थितियां ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण बनी थीं कि बीरेंद्र सिंह, राव इंद्रजीत सिंह और किरण चौधरी सहित कई बड़े नेताओं को कांग्रेस पार्टी छोड़कर जाना पड़ा था। अंत में कुमारी शैलजा ने स्पष्ट किया था कि वह अपनी तरफ से बहुत जिद्दी हैं और चाहे कुछ भी हो जाए वह कभी कांग्रेस पार्टी नहीं छोड़ेंगी।