सरबजीत सिंह झिंझर ने 'आप' के आरोपों को बताया मनगढ़ंत, सीबीआई जांच की मांग की

यूथ अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और घनौर हलका इंचार्ज सरबजीत सिंह झिंझर ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (AAP) पर उनके खिलाफ झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों पर सरकार के जुल्मों के खिलाफ उनकी आवाज को दबाने में नाकाम रहने के बाद, अब सत्ताधारी पार्टी ने सस्ते चरित्र हनन का सहारा लिया है। 'आप' पंजाब मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू के उन दावों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि झिंझर बहरीन से एक महिला को भारत लाए थे, झिंझर ने उस महिला से कभी भी मिलने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि पन्नू मनगढ़ंत कहानियां बना रहे हैं और यह 'आप' नेतृत्व द्वारा उन्हें सौंपी गई एक स्क्रिप्टेड साजिश है।
24 घंटे जनता के लिए उपलब्ध रहना बना गलती
सरबजीत सिंह झिंझर ने कहा कि उनकी एकमात्र गलती यह थी कि वह चौबीसों घंटे जनता के लिए उपलब्ध रहते थे। जब भी वह किसी का कॉल मिस करते हैं, तो वे उनकी शिकायत जानने के लिए वापस कॉल करते हैं और जल्द से जल्द उसका समाधान कराने की कोशिश करते हैं। 'आप' अब इस बात को एक बहुत बड़ी साजिश में बदल रही है। उन्होंने इन आरोपों के समय को अपनी उस हालिया सार्वजनिक आलोचना से जोड़ा, जिसमें उन्होंने निहाल सिंह वाला में एक रैली को संबोधित करते हुए डॉ. गुरप्रीत कौर पर बलात्कार के मामले को रफा-दफा करने के लिए पांच करोड़ रुपये लेने का आरोप लगाया था।
सीबीआई जांच और हाईकोर्ट के जज से जांच की मांग
उन्होंने दावा किया कि इसके बाद से 'आप' उनके खिलाफ मनीष सिसोदिया के कथित 'साम, दाम, दंड, भेद' के तरीके जैसी रणनीति अपना रही है। पहले उन्हें विधानसभा सीट का लालच देकर, चुनाव का खर्च उठाने और पांच करोड़ रुपये देने की पेशकश कर रिश्वत देने की कोशिश की गई, और जब वे प्रयास विफल हो गए तो धमकियों का सहारा लिया गया। जब कुछ भी काम नहीं आया, तो उन्होंने मेरे चरित्र हनन के लिए मुझे एक ऐसी महिला से जोड़ने की साजिश रची जिससे मैं कभी नहीं मिला। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह 'आप' या उसके गुंडों से नहीं डरते हैं और केवल संगत के प्रति जवाबदेह हैं। झिंझर ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि इस मामले की जांच पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के एक मौजूदा जज द्वारा की जानी चाहिए, क्योंकि उन्हें राज्य सरकार पर अपने ही नेताओं के आचरण की निष्पक्ष जांच करने का कोई भरोसा नहीं है।
जीएमएडीए (GMADA) कार्यालयों पर ईडी के छापों से ध्यान भटकाने का आरोप
उन्होंने इन आरोपों के समय को बुधवार को 'आप' मंत्रियों से जुड़े कथित अनियमितताओं को लेकर जीएमएडीए (GMADA) कार्यालयों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) के छापों से भी जोड़ा। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ लगाए गए नए आरोप पूरी तरह से एक जानबूझकर किया गया भटकाव हैं। उन्होंने कहा कि केवल उस बात को छिपाने के लिए, उन्होंने हमारे खिलाफ ये पूरी तरह से झूठे आरोप लगाए हैं। झिंझर ने घनौर के लोगों से अपील की कि वे इन आरोपों से गुमराह न हों। उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी भी जांच से बच नहीं रहे हैं और जब भी उन्हें बुलाया जाएगा, वे जांचकर्ताओं के साथ पूरा सहयोग करेंगे। आने वाले दिनों में सच्चाई सामने आ जाएगी और लोगों को पता चल जाएगा कि कैसे 'आप' ने केवल राजनीतिक फायदे के लिए ये आरोप गढ़े हैं।