जींद के जुलाना में स्कूल बसों की जांच का अभियान, कमियां मिलने पर 27 हजार रुपये का चालान कर बस इंपाउंड

जींद में 17 सितंबर को जुलाना क्षेत्र में जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय की टीम द्वारा स्कूली बसों की जांच का एक विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान कुल छह स्कूलों में जाकर तेरह बसों की जांच की गई। जांच के दौरान एक बस में टैक्स, परमिट, पीयूसी और फस्र्ट एड बाक्स नहीं पाया गया। इस कमी के चलते उस बस का सत्ताइस हजार रुपये का चालान किया गया और बस को इंपाउंड कर लिया गया।
इससे पहले दस सितंबर को तय समय पर स्कूली बसों की जांच नहीं हो पाई थी। वहीं इससे पहले तीन सितंबर को पांच स्कूलों में चार बसों की जांच की गई थी। तीन सितंबर की जांच के दौरान एक बस में इंश्योरेंस और फस्र्ट एड बाक्स की कमी पाई गई थी। उस कमी के चलते उस बस का तीन हजार रुपये का चालान किया गया था।
जबकि उससे भी पहले पिछले सत्ताईस अगस्त को जुलाना ब्लॉक में चार स्कूलों की चौदह बसों की जांच की गई थी। उस समय बसों में सभी निर्धारित मानक पूरे पाए गए थे। मानक पूरे होने के कारण उस दिन कोई भी चालान नहीं किया गया था। सप्ताह में हर गुरुवार को जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय की टीम स्कूली बसों की जांच को लेकर यह अभियान चलाती है।
चार सदस्यीय टीम करती है बसों की सुरक्षा मानकों की जांच
स्कूली बसों की जांच के लिए एक चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। इस जांच टीम में जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय से एक इंस्पेक्टर को शामिल किया जाता है। इसके अलावा टीम में मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर यानी एमवीआई होते हैं। ट्रैफिक पुलिस से एक सब इंस्पेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी से एक प्रतिनिधि को भी इस टीम में शामिल किया जाता है। जांच के दौरान बसों में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों की बारीकी से जांच की जाती है।
अधिकारियों ने दी अभियान के बारे में पूरी जानकारी
जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय के निरीक्षक बलजीत सिंह ने इस बारे में पूरी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस सप्ताह एक बस को इंपाउंड किया गया है और सत्ताइस हजार रुपये का चालान काटा गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्कूली बसों की जांच का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूली बसों की अच्छी तरह से जांच करना है। इस जांच के जरिए विद्यार्थियों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित परिवहन सुविधा मुहैया करवाना ही इस अभियान का मुख्य लक्ष्य है। स्कूली बसों की सुरक्षा जांच के लिए हर गुरुवार को यह अभियान चलाया जाता है। जांच के दौरान बसों में जो-जो कमियां पाई जाती हैं, उस आधार पर नियमों के अनुसार बसों का चालान किया जाता है।