जींद के 423 स्कूलों में निपुण मिशन शुरू, 32,852 बच्चों की मजबूत होगी बुनियादी शिक्षा

जींद के 423 स्कूलों में निपुण मिशन शुरू, 32,852 बच्चों की मजबूत होगी बुनियादी शिक्षा

जींद जिले में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत निपुण मिशन पर विशेष काम किया जा रहा है। जिले के सभी सातों खंडों के प्राथमिक विद्यालयों में यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस मिशन से हजारों बच्चों को सीधा लाभ मिलने वाला है।

  • जींद के 423 प्राथमिक विद्यालयों में चल रहा है निपुण मिशन
  • बाल वाटिका से कक्षा पांचवीं तक के 32,852 बच्चे कर रहे हैं अध्ययन
  • भाषा और गणित की बुनियादी समझ मजबूत करने पर विशेष जोर

जींद के 423 स्कूलों में लागू किया गया निपुण मिशन

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत निपुण मिशन के माध्यम से जींद जिले में फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरेसी (एफएलएन) कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के जरिए बाल वाटिका से लेकर कक्षा पांचवीं तक के बच्चों में भाषा और गणित की बुनियादी समझ विकसित की जा रही है। बच्चों को पढ़ाई में प्रवीण बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

32,852 बच्चों की मजबूत होगी बुनियादी शिक्षा

जींद जिले के सभी सातों खंडों के 423 प्राथमिक विद्यालयों में बालवाटिका से कक्षा पांचवीं तक 32,852 बच्चे अध्ययनरत हैं। इन सभी बच्चों के लिए प्राथमिक शिक्षकों द्वारा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से एफएलएन कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को केवल किताबों का ज्ञान देना नहीं है।

दैनिक जीवन में ज्ञान का प्रयोग करने में होंगे सक्षम

कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को पढऩे, समझने, लिखने और गणितीय अवधारणाओं का दैनिक जीवन में प्रयोग करने में सक्षम बनाना है। जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने इस बारे में पूरी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि निपुण मिशन के तहत बच्चों की बुनियादी भाषा और संख्या ज्ञान की दक्षताओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

गतिविधियों के माध्यम से दी जा रही है शिक्षा

बच्चों को उनकी कक्षा और सीखने के स्तर के अनुसार गतिविधियों में शामिल किया जाता है। कहानी, बातचीत, चित्र, खेल, शिक्षण सामग्री और अन्य गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सीखने के अवसर दिए जा रहे हैं। बच्चा जितना अधिक गतिविधियों में भाग लेता है, वह उतना ही प्रभावी ढंग से सीखता है।

रटने के बजाय समझ आधारित शिक्षण को बढ़ावा

एफएलएन कार्यक्रम में रटने के बजाय समझ आधारित और गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे बच्चों में सीखने के प्रति रुचि पैदा होती है और उनकी बुनियादी दक्षताओं को मजबूत करने में मदद मिलती है।

बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य पर भी है पूरा जोर

निपुण मिशन का दायरा केवल भाषा और गणित तक ही सीमित नहीं है। इस कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में आवश्यक बुनियादी ढांचे, कक्षाओं और शिक्षण सामग्री को बेहतर बनाया जा रहा है। इसके साथ ही सभी बच्चों के लिए शिक्षा के समान अवसर सुनिश्चित करने और विद्यालयों तक उनकी आसान पहुंच बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य तथा पोषण को भी बहुत महत्वपूर्ण माना गया है।

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