जींद की बेटी कीर्ति शर्मा ने एशियन गेम्स में रचा इतिहास, तीरंदाजी में भारत को दिलाया स्वर्ण पदक

जींद की बेटी कीर्ति शर्मा ने एशियन गेम्स में रचा इतिहास, तीरंदाजी में भारत को दिलाया स्वर्ण पदक

जींद जिले के रिटौली गांव की 20 वर्षीय तीरंदाज कीर्ति शर्मा ने जापान में चल रहे एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन किया है। कीर्ति शर्मा ने भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। इस खबर के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • कीर्ति शर्मा ने महिला रिकर्व टीम के फाइनल में दक्षिण कोरिया को हराया।
  • भारत ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर एशियन गेम्स में इस स्पर्धा का पहला स्वर्ण पदक जीता।
  • दक्षिण कोरिया की टीम लंबे समय से विश्व तीरंदाजी की शीर्ष टीमों में रही है।
  • कीर्ति के पिता ने आर्थिक तंगी के बावजूद कर्ज लेकर उन्हें धनुष दिलाया था।

एशियन गेम्स में भारत की ऐतिहासिक जीत

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जापान में चल रहे एशियन गेम्स में जींद जिले के रिटौली गांव की 20 वर्षीय तीरंदाज कीर्ति शर्मा ने शानदार प्रदर्शन किया है। कीर्ति शर्मा ने भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। कीर्ति शर्मा ने महिला रिकर्व टीम के फाइनल में भारत ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हरा कर एशियन गेम्स में इस स्पर्धा का अपना पहला स्वर्ण पदक जीता है। यह जीत इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण रही है क्योंकि दक्षिण कोरिया की टीम लंबे समय से विश्व तीरंदाजी की शीर्ष टीमों में रही है।

बचपन में शुरू किया था तीरंदाजी का खेल

कीर्ति शर्मा ने 15 साल की उम्र में तीरंदाजी खेलना शुरू किया था। उस समय कीर्ति नौवीं कक्षा में पढ़ रही थी और पिल्लूखेड़ा के एफएस कान्वेंट स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रही थी। उसी स्कूल में कोच उधम सिंह ने तीरंदाजी के लिए खिलाड़ी तैयार करना शुरू किया था। उस टीम में कोच उधम सिंह ने कीर्ति शर्मा को भी चुना था। उस समय कीर्ति शर्मा को अभ्यास के लिए एक धनुष की जरूरत थी।

पुराने धनुष से शुरू किया था कड़ा अभ्यास

पिता विजय शर्मा ने उस समय स्कूल से पांच हजार रुपये में कीर्ति के लिए पुराना धनुष खरीदा था। उसके बाद साल 2022 में हजारीबाग पदमा साईं झारखंड के चयन को लेकर ट्रायल के लिए एक नए धनुष की जरूरत आन पड़ी थी। इसके लिए पिता विजय शर्मा ने आढ़ती से 60 हजार रुपये उधार लेकर पटियाला से नया धनुष खरीदा था। बेटी का साल 2022 में झारखंड की साईं अकादमी में चयन हो गया था।

साईं अकादमी से मिला नया और महंगा धनुष

इसके बाद साईं की ओर से कीर्ति शर्मा को पांच लाख रुपये का धनुष अभ्यास के लिए दिलवाया गया था। बेटी के स्वर्ण पदक जीतने के बाद पूरे परिवार में खुशी का माहौल बना हुआ है। दादा राम जुआरी, दादी भरपाई देवी और मां गुड्डी देवी ने कहा है कि बेटी ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीत कर देश का नाम रोशन किया है। परिवार के सभी सदस्यों को अपनी बेटी पर बहुत अधिक नाज है। अब उन्हें पूरी उम्मीद है कि बेटी कीर्ति ओलंपिक में भी देश के लिए गोल्ड मेडल जीतेगी।

आर्थिक तंगी के बावजूद पिता ने दिया पूरा साथ

कीर्ति शर्मा के पिता विजय शर्मा तीन एकड़ खेती करने वाले एक साधारण किसान हैं। परिवार में भारी आर्थिक तंगी होने के बावजूद उन्होंने हमेशा बेटी के सपनों को सबसे आगे रखा है और उसे खेलों में आगे बढ़ाया है। पिता विजय शर्मा की छह बहन और तीन बुआ हैं। ऐसे में परिवार की बड़ी जिम्मेदारी के साथ-साथ उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई और खेल को लगातार जारी रखा है।

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