जींद में मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर गलत पंजीकरण कर 15 हजार 200 रुपये का लाभ लेने पर युवती के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज

जींद में मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर गलत पंजीकरण कर 15 हजार 200 रुपये का अनुचित लाभ लेने का मामला सामने आया है। पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर रविवार को एक युवती के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेने समेत विभिन्न भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
सीएम फ्लाइंग की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
सीएम फ्लाइंग के उपनिरीक्षक सतपाल सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गत एक जुलाई को सूचना मिली थी कि मालसरी खेड़ा निवासी अमित व दलबीर की जमीन पर किसी ने मेरी फसल मेरा ब्योरा के तहत गलत पंजीकरण करवाया है। इसके साथ ही सरकार की योजना के तहत 15 हजार 200 रुपये का लाभ भी ले लिया है।
सरपंच और किसानों ने की पुष्टि
उन्होंने स्वयं मामले की जांच की। इसमें कृषि एवं किसान कल्याण विभाग से रिकार्ड लिया और गांव मालसरीखेड़ा में जाकर जांच की। गांव की सरपंच सुनीता रानी ने बताया कि परवाना नाम का कोई व्यक्ति उनके गांव में रहता ही नही है। राजस्व रिकार्ड के अनुसार जिस जमीन का पंजीकरण किया गया उसमें आठ कनाल मालसरी खेड़ा निवासी अमित व आठ मरले दलबीर की है। दोनों ने बताया कि उन्होंने मेरी फसल मेरा ब्योरा व मेरा पानी, मेरी विरासत योजना पर कोई पंजीकरण नहीं किया और न ही इसका कभी लाभ उठाया।
बैंक खाते में पहुंचे पैसे और पुलिस कार्रवाई
जिस मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन किया गया था, उसकी जांच की तो पता चला कि यह नंबर परवाना पुत्री हकमुदीन का है। जो नूंह जिले की फिरोजपुर झिरका तहसील के गांव कमेदा की रहने वाली है। जो 15 हजार 200 रुपये सरकार की तरफ से भेजे गए हैं, वह परवाना पुत्री हकमुदीन के सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक के खाते में गए हैं। रविवार को जानकारी देते हुए पिल्लूखेड़ा थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि पुलिस ने परवाना के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।