जाखल में रास्ता नहीं मिलने पर 6 अक्टूबर को रेल रोको आंदोलन का ऐलान, रेलवे ने शुरू किया काम

जाखल में रास्ता नहीं मिलने पर 6 अक्टूबर को रेल रोको आंदोलन का ऐलान, रेलवे ने शुरू किया काम

5 अक्टूबर तक रास्ता नहीं तो 6 को रेल रोको आंदोलन का ऐलान, अल्टीमेटम मिलते ही रेलवे हरकत में आया

महीनों से बंद रास्ते को लेकर जाखल वासियों का फूटा गुस्सा, 15 सदस्यीय कमेटी ने लिया आर-पार की लड़ाई का फैसला; बाद दोपहर सिग्नल विभाग ने शुरू किया काम

योगेश खनेजा /जाखल /02 अक्टूबर 2026/अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

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जाखल मंडी का बंद रास्ता अब लोगों के लिए एक बड़ी परेशानी और बड़े आंदोलन का मुद्दा बनता जा रहा है। महीनों से रास्ता बंद होने के कारण परेशान क्षेत्रवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है।

  • अस्थाई रास्ते की मांग को लेकर 15 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है।
  • कमेटी ने रेलवे को 5 अक्टूबर तक का अंतिम अल्टीमेटम दिया है।
  • समय पर रास्ता नहीं मिलने पर 6 अक्टूबर को रेल रोको आंदोलन किया जाएगा।
  • बाद दोपहर रेलवे के सिग्नल विभाग ने रास्ते से संबंधित काम शुरू कर दिया है।

जाखल वासियों का फूटा गुस्सा और आर-पार की लड़ाई का फैसला

जाखल मंडी का बंद रास्ता अब लोगों के लिए परेशानी के साथ-साथ बड़े आंदोलन का मुद्दा बनता जा रहा है। महीनों से रास्ता बंद होने के कारण परेशान क्षेत्रवासियों ने शुक्रवार को साफ कर दिया कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। अस्थाई रास्ते की मांग को लेकर गठित 15 सदस्यीय कमेटी ने रेलवे को 5 अक्टूबर तक का अंतिम अल्टीमेटम दिया है। कमेटी ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय तक रास्ता उपलब्ध नहीं करवाया गया तो 6 अक्टूबर को जाखल में रेल रोको आंदोलन किया जाएगा।

रेलवे विभाग हरकत में आया और सिग्नल विभाग ने शुरू किया काम

सुबह हुई बैठक में कमेटी ने इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय की। बैठक के बाद रेलवे विभाग को आंदोलन के फैसले से अवगत करवाया गया। बाद दोपहर रेलवे विभाग हरकत में नजर आया और रेलवे के सिग्नल विभाग की ओर से रास्ते से संबंधित काम शुरू कर दिया गया। काम शुरू होने के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष विकास कामरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहे।

15 अगस्त को मनाया था काला दिवस

जाखल मंडी का रास्ता बंद होने के विरोध में लोगों का संघर्ष नया नहीं है। इससे पहले 15 अगस्त को क्षेत्रवासियों ने काला दिवस मनाते हुए बाजार बंद रखा था। लोगों ने प्रदर्शन कर रेलवे और प्रशासन के सामने अपनी परेशानी रखी थी। इसके बावजूद रास्ते की समस्या पूरी तरह हल नहीं होने पर लोगों में लगातार नाराजगी बढ़ती गई।

धान सीजन में किसानों की बढ़ी मुश्किलें

ओवरब्रिज का रास्ता बंद होने का सीधा असर किसानों, व्यापारियों और आम लोगों पर पड़ रहा है। धान सीजन के दौरान किसानों को अपनी फसल जाखल मंडी तक पहुंचाने के लिए लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है। इससे डीजल का अतिरिक्त खर्च, समय की बर्बादी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं मंडी से जुड़े व्यापारियों के कारोबार पर भी इसका असर पड़ रहा है।

अल्टीमेटम के बाद रेलवे ने शुरू किया काम

शुक्रवार सुबह हुई बैठक में जब 15 सदस्यीय कमेटी ने 6 अक्टूबर को रेल रोको आंदोलन का ऐलान किया तो इसका असर उसी दिन देखने को मिला। बाद दोपहर रेलवे के सिग्नल विभाग ने काम शुरू कर दिया। अब क्षेत्रवासियों की नजर इस बात पर है कि रेलवे द्वारा शुरू किया गया काम कितनी तेजी से पूरा होता है।

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