जाखल में धान खरीद न होने से किसानों में रोष, सरकार का पुतला फूंककर की तुरंत खरीद की मांग

जाखल में धान खरीद न होने से किसानों में रोष, सरकार का पुतला फूंककर की तुरंत खरीद की मांग

धान खरीद को लेकर किसानों में रोष, सरकारी खरीद शुरू करने की मांगजाखल में किसानों ने सरकार के खिलाफ की जमकर नारेबाजी, प्रदेश सरकार का फूंका पुतला 

जाखल /4 अक्टूबर 2026 / योगेश खनेजा /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

जाखल में रविवार को किसानों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने सरकार का पुतला दहन कर अपना रोष व्यक्त किया और जमकर नारेबाजी की। धान का सीजन शुरू होते ही किसानों की परेशानियां सामने आने लगी हैं। किसानों ने सरकार से धान की सरकारी खरीद तत्काल शुरू करने, खरीद की सीमा बढ़ाने और पोर्टल पर पंजीकरण से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।

AtalHind की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
  • किसानों द्वारा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और पुतला दहन
  • धान की सरकारी खरीद तत्काल शुरू करने की मांग
  • खरीद सीमा बढ़ाकर 36 क्विंटल प्रति एकड़ करने की मांग
  • पोर्टल पर पंजीकरण की तकनीकी समस्याओं को दूर करने की मांग

धान की पैदावार और खरीद सीमा को लेकर चिंता

किसानों का कहना है कि खेतों में धान की पैदावार सरकारी खरीद की निर्धारित सीमा से कहीं अधिक हो रही है। ऐसे में किसान अपनी पूरी फसल बेचने को लेकर चिंतित हैं। किसानों के अनुसार एक एकड़ में करीब 36 से 40 क्विंटल तक धान की पैदावार निकल रही है। सरकार की ओर से खरीद की सीमा काफी कम रखी गई है। किसानों का कहना है कि जब फसल की पैदावार अधिक है तो खरीद की सीमा भी उसी हिसाब से निर्धारित की जानी चाहिए। किसानों ने मांग की है कि खरीद सीमा को बढ़ाकर 36 क्विंटल प्रति एकड़ किया जाए, ताकि किसान अपनी पूरी फसल सरकारी रेट पर बेच सकें।

सभी किस्मों की सरकारी खरीद और पोर्टल की समस्याएं

किसानों की प्रमुख मांग है कि हाइब्रिड हो या पीआर धान, सभी योग्य किस्मों की सरकारी रेट पर खरीद शुरू की जाए। किसानों का कहना है कि मंडियों में फसल पहुंचने के बाद अगर सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई तो उन्हें मजबूरी में निजी व्यापारियों के हाथों कम कीमत पर धान बेचने का खतरा रहेगा। वहीं, किसानों ने पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया को लेकर भी नाराजगी जताई है। किसानों का कहना है कि कई किसानों का पंजीकरण अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। ऑनलाइन प्रक्रिया होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को तकनीकी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई किसानों के आवेदन अधूरे हैं और उनका पंजीकरण लंबित है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि पोर्टल की तकनीकी समस्याओं को तुरंत दूर कर सभी किसानों का पंजीकरण पूरा कराया जाए।

किसानों के नाम और मार्केट कमेटी सचिव का पक्ष

इस प्रदर्शन के दौरान लाभ सिंह, बलकार सिंह, नसीब सिंह, हरविंदर सिंह, हरमेल सिंह, जगरूप सिंह, काला सिंह सहित भारी संख्या में किसान उपस्थित रहे। जब इस बारे में सचिव मार्केट कमेटी से बात की गई तो उन्होंने कहा की धान की नमी अधिक होने के चलते खरीद नहीं हो पा रही है। किसान भाइयों से अनुरोध है कि फसल को सुखाकर मंडी में लेकर आए, जिसके बाद फसल खरीद में कोई दिक्कत न आए। वहीं उन्होंने कहा कि किसानों की जो भी समस्या है वह समय-समय पर उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया जा रहा है, यह जानकारी अरविंद कुमार, सचिव जाखल मार्केट कमेटी ने दी है।

Share:

Comments

Leave a comment