जाखल अस्थाई रास्ता: 6 अक्टूबर को रेल रोको आंदोलन?

क्षेत्रवासियों की अस्थाई रास्ते की मांग अधर में,
6 अक्टूबर को रेल रोको आंदोलन की चेतावनी,
रेलवे ओवर ब्रिज पर काम जारी, रेलवे अंडर ब्रिज का कार्य भी अभी अधूरा; रेलवे लाइनों के दोनों तरफ सड़क तैयार, लेकिन सिग्नल विभाग की आपत्ति बनी अड़चन
15 सदस्यीय कमेटी ने लिया आर-पार की लड़ाई का फैसला, 15 अगस्त को काला दिवस मनाकर किया था बाजार बंद
जाखल, 2 अक्टूबर योगेश खनेजा 2026/अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
जाखल मंडी का मुख्य रास्ता बंद होने से पिछले कई महीनों से परेशानी झेल रहे क्षेत्रवासियों का सब्र अब जवाब देने लगा है। अस्थाई रास्ते की मांग को लेकर चल रहे संघर्ष के तहत शुक्रवार को 15 सदस्यीय कमेटी की अनाज मंडी जाखल में महत्वपूर्ण बैठक हुई जिस में किसान संघर्ष समिति पगड़ी संभाल जट्टा, भारतीय किसान यूनियन एकता उग्रहा, मजदूरों,व्यापारियों ने हिस्सा लिया। आयोजित बैठक अस्थाई रास्ते के संबंध में विस्तार पूर्वक चर्चा हुईं।बैठक में उपस्थित क्षेत्रवासियों ने राज्यसभा सांसद सुभाष बराला, सिरसा सांसद शैलजा ,टोहाना विधायक परमवीर सिंह सहित रेलवे विभाग एवं प्रदेश सरकार के खिलाफ जम कर नारेबाजी की। बैठक में उपस्थित क्षेत्रवासियों निर्णय लेते हुए रेलवे विभाग को अंतिम अल्टीमेट दिया गया कि यदि 5 अक्टूबर तक क्षेत्रवासियों के लिए अस्थाई रास्ता उपलब्ध नहीं करवाया गया तो 6 अक्टूबर को रेल रोको आंदोलन किया जाएगा।
कमेटी की ओर से रेलवे अधिकारियों को आंदोलन के निर्णय से अवगत भी करवा दिया गया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि आवागमन के लिए तत्काल अस्थाई रास्ता चाहिए।
जाखल रेलवे स्टेशन क्षेत्र में रेलवे ओवर ब्रिज के कुछ हिस्से को ऊंचा उठाने का कार्य चल रहा है, जबकि रेलवे अंडर ब्रिज का काम अभी पूरा नहीं हुआ है ऐसे में मंडी और आसपास के लोगों के लिए आवागमन की समस्या लगातार बनी हुई है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने में समय लग सकता है, लेकिन तब तक आम जनता के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक अस्थाई रास्ते की व्यवस्था की जानी चाहिए।

सड़क तैयार, सिग्नल विभाग की आपत्ति बनी अड़चन
क्षेत्रवासियों के अनुसार रेलवे लाइनों के दोनों तरफ अस्थाई रास्ते के लिए सड़क का कार्य पूरा हो चुका है। अब रास्ता देने में सिग्नल विभाग की ओर से आपत्ति जताई जा रही है। सिग्नल विभाग ने रेलवे लाइनों के बीच रास्ता देने के बजाय इसे दूसरी जगह शिफ्ट करने की बात कही है। इसी कारण अस्थाई रास्ते का मामला फिलहाल अधर में लटका हुआ है।
कमेटी का कहना है कि जब सड़क का कार्य दोनों तरफ हो चुका है तो रेलवे और संबंधित विभाग आपसी समन्वय से सिग्नल व्यवस्था को शिफ्ट कर जल्द से जल्द रास्ता उपलब्ध करवाएं, ताकि हजारों लोगों को राहत मिल सके।
15 अगस्त को मनाया था काला दिवस
जाखल मंडी का रास्ता बंद होने के विरोध में इससे पहले 15 अगस्त को क्षेत्रवासियों ने काला दिवस मनाते हुए बाजार बंद रखा था। इस दौरान लोगों ने प्रदर्शन कर रेलवे और प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रखी थी। इसके बावजूद अभी तक अस्थाई रास्ते का समाधान नहीं होने से लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।
धान सीजन में किसानों और व्यापारियों की बढ़ी परेशानी
धान सीजन शुरू होने के साथ ही रास्ता बंद होने की समस्या और गंभीर हो गई है। किसानों को मंडी तक फसल पहुंचाने के लिए लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करना पड़ रहा है। इससे समय और आर्थिक नुकसान हो रहा है। वहीं मंडी के आढ़तियों, दुकानदारों, मजदूरों, ट्रांसपोर्टरों और आम लोगों को भी रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अब 5 अक्टूबर तक रास्ते का इंतजार
15 सदस्यीय कमेटी ने बैठक में स्पष्ट कर दिया है कि अब मामले को और लंबा नहीं खींचा जाएगा। 5 अक्टूबर तक अस्थाई रास्ता उपलब्ध करवाने का अंतिम समय निर्धारित किया गया है। यदि निर्धारित समय तक रास्ते की व्यवस्था नहीं हुई तो 6 अक्टूबर को रेल रोको आंदोलन किया जाएगा।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि उनकी मांग किसी प्रकार के विवाद के लिए नहीं, बल्कि किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों, मजदूरों और आम जनता के सुचारु आवागमन के लिए है। अब देखना होगा कि 5 अक्टूबर की समय सीमा से पहले रेलवे विभाग और संबंधित सिग्नल विभाग इस अड़चन का समाधान कर अस्थाई रास्ता उपलब्ध करवाते हैं या नहीं।
इस बैठक में लाभ सिंह उदयपुर, नवजोत सिंह विक्की, लखविंदर सिंह, राशविंदर सिंह,आदित्य बंसल, तरसेम सेमी पार्षद, हरविन्द्र सिंह,बलकार सिंह,नसीब सिंह,गुरप्रीत सिंह, लखा सिंह,रंजीत सिंह,उत्तम तलवाड़ी ,धर्मबीर,जैब सिंह,बिल्लू सिंह,सुखविंद्र सिंह सहित काफी संख्या में किसान, मजदूर और व्यापारी मौजूद रहे।