भारत वर्कप्लेस एआई अपनाने में वैश्विक स्तर पर आगे, लेकिन उत्पादकता के साथ बढ़ रहा है काम का बोझ

कोर्न फेरी (Korn Ferry) ने वर्कफोर्स 2026 इनसाइट्स रिपोर्ट के भारत के आंकड़े जारी कर दिए हैं। यह रिपोर्ट दिखाती है कि भारत का कार्यबल एआई (AI) को अपनाने, तैयारी और एकीकरण के कई पैमानों पर वैश्विक औसत से आगे है। अध्ययन से पता चलता है कि भारत में 86 प्रतिशत कर्मचारी इस बात को लेकर सकारात्मक हैं कि एआई उनके काम करने के तरीके को कैसे बदल देगा, जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 65 प्रतिशत है।
76 प्रतिशत कर्मचारी खुद को एआई का उपयोग करने के लिए पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित महसूस करते हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर यह 52 प्रतिशत है। 81 प्रतिशत का कहना है कि एआई दक्षता में सुधार करता है, जबकि वैश्विक स्तर पर 63 प्रतिशत ऐसा मानते हैं। 73 प्रतिशत का कहना है कि एआई टूल्स को उनकी भूमिका में काम करने के तरीके में एकीकृत किया जा रहा है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह 54 प्रतिशत है।
- भारत के 86 प्रतिशत कर्मचारी एआई को लेकर सकारात्मक हैं।
- 76 प्रतिशत कर्मचारी एआई के उपयोग के लिए प्रशिक्षित महसूस करते हैं।
- 81 प्रतिशत का कहना है कि एआई दक्षता में सुधार करता है।
- 73 प्रतिशत कर्मचारियों का कार्यभार काफी बढ़ गया है।
एआई से बढ़ी उत्पादकता और कार्यभार
बड़ी हुई एआई क्षमता के साथ-साथ बढ़ती मांगें भी आ रही हैं। जबकि भारत में 79 प्रतिशत कर्मचारियों का कहना है कि वे एक साल पहले की तुलना में अधिक उत्पादक हैं, वहीं 78 प्रतिशत पिछले दो वर्षों में काफी अधिक कार्यभार की रिपोर्ट करते हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर यह 62 प्रतिशत है। 73 प्रतिशत का कहना है कि एआई टूल्स ने उनकी भूमिका में अपेक्षित कार्यों की संख्या बढ़ा दी है, जबकि 72 प्रतिशत का कहना है कि वे एक से अधिक भूमिका की जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
निष्कर्ष बताते हैं कि जैसे-जैसे एआई रोजमर्रा के काम में शामिल होता जा रहा है, प्रदर्शन का आधार बढ़ रहा है। कोर्न फेरी इंडिया के चेयरमैन और क्षेत्रीय प्रबंध निदेशक नवनीत सिंह ने कहा कि भारत का कार्यबल एआई को अपना रहा है और उत्पादकता तथा नवाचार में लाभ देख रहा है। यह एक शक्तिशाली शुरुआती बिंदु है, लेकिन यह इस बात की भी उम्मीदें बढ़ाता है कि लोग क्या डिलीवर कर सकते हैं।
कार्य संस्कृति में बदलाव और चुनौतियां
यह निष्कर्ष 11 बाजारों में 16,000 से अधिक पेशेवरों के कोर्न फेरी के वार्षिक वैश्विक सर्वेक्षण पर आधारित हैं। इसमें भारत के सभी संगठनात्मक स्तरों के 2,000 उत्तरदाता शामिल हैं। भारत के मुख्य निष्कर्षों में शामिल है कि एआई अब परफॉर्मेंस रिव्यू में प्रवेश कर रहा है और 70 प्रतिशत भारतीय कर्मचारियों का कहना है कि एआई फ्लुएंसी को कर्मचारी समीक्षाओं में शामिल किया जा रहा है।
कोर्न फेरी इंडिया के कंसल्टिंग हेड संदीप भल्ला ने कहा कि इस अगले चरण में नेताओं को गतिविधि और प्रभाव के बीच सबसे महत्वपूर्ण अंतर करने की जरूरत है। एआई कर्मचारियों को तेजी से कार्य पूरा करने में मदद कर रहा है, लेकिन अकेले उत्पादकता बेहतर व्यावसायिक परिणामों की गारंटी नहीं देती है। यदि प्रत्येक दक्षता लाभ को तुरंत अधिक काम में बदल दिया जाता है, तो संगठनों के समकक्ष मूल्य बनाए बिना व्यस्त होने का जोखिम रहता है।