एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ईरान को हराकर जीता स्वर्ण पदक

एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ईरान को हराकर जीता स्वर्ण पदक

भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शनिवार छब्बीस सितंबर दो हजार छब्बीस को आइची नागोया के टोकाई सिटीजंस जिम्नाजियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में ईरान को सैंतीस के मुकाबले चौंतीस अंकों से हरा दिया। इस शानदार जीत के साथ ही भारत ने पिछले पांच एशियन गेम्स संस्करणों में अपना चौथा स्वर्ण पदक हासिल कर लिया है और हांगझोउ तेईस में जीते गए खिताब का सफलतापर्वक बचाव किया है। कप्तान पुष्पा राणा के नेतृत्व में भारतीय टीम ने इस टूर्नामेंट में शानदार अपराजित अभियान चलाया जो ईरान के खिलाफ एक कड़े मुकाबले में समाप्त हुआ। फाइनल मुकाबले में ईरान की टीम एकमात्र ऐसी टीम थी जिसने पहले महाद्वीप का स्वर्ण पदक जीता था। टोकाई सिटीजंस जिम्नाजियम में खेले गए इस मैच के दूसरे हाफ में ईरान की टीम की तरफ से जोरदार वापसी देखने को मिली लेकिन मैच का अंतर अंत में तीन अंकों का ही रहा।

मैच का पहला और दूसरा हाफ

मैच के हाफ टाइम के समय भारत ने बाईस और सोलह की बढ़त बना रखी थी। मैच रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान की टीम ने दूसरे हाफ में भारत से बेहतर प्रदर्शन करते हुए अठारह अंक हासिल किए जबकि भारत ने पंद्रह अंक बनाए लेकिन ईरान की टीम शुरुआती अंतर को पाटने में पूरी तरह से असफल रही। फाइनल मुकाबले के ये सभी आंकड़े ओलंपिक्स डॉट कॉम इंडियन एक्सप्रेस बिजनेस स्टैंडर्ड प्रो कबड्डी और स्पोर्टिंग न्यूज द्वारा पूरी तरह से संपुष्ट किए गए हैं।

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फाइनल मुकाबले के कड़े तांत्रिक पैटर्न

पूजा संजू देवी और निकिता हथवावाला ने लगातार रेड करके भारत के लिए एक शुरुआती बढ़त बनाने का काम किया। खेल के शुरुआती हाफ के दौरान पहले ऑल आउट ने भारत की बढ़त को तेरह और दस तक पहुंचा दिया था जिसे बाद में पंद्रह और दस कर दिया गया। ईरान की टीम ने एरिना मादेदी द्वारा किए गए एक सुपर टैकल और एंकर होल्ड के जरिए जोरदार वापसी की। ब्रेक के बाद सानिया नईमी ने अपनी लय हासिल की और एक ऐसा ऑल आउट करने में सफल रही जिससे ईरान के लिए स्कोर सत्ताईस और छब्बीस पर बराबर हो गया।

रोमांचक मुकाबले का अंतिम दौर

भारत ने पूजा के टच पॉइंट्स और संजू देवी की रेड के माध्यम से शानदार वापसी की। कप्तान पुष्पा राणा ने एक अंतिम ऑल आउट का नेतृत्व किया जिसने खेल समाप्त होने से ठीक चार मिनट पहले भारत की बढ़त को चौंतीस और अट्ठाईस तक पहुंचा दिया। ईरान की टीम ने खेल के अंतिम मिनटों में भी स्कोर करना जारी रखा लेकिन भारतीय टीम ने सफलतापर्वक बचा हुआ समय निकाल दिया। मैच के बाद कप्तान पुष्पा राणा ने ओलंपिक्स डॉट कॉम को दिए अपने बयान में कहा कि टीम को कभी ऐसा नहीं लगा कि वे यह मुकाबला हार सकते हैं और उनका पूरा ध्यान अंत तक पूरी ताकत से लड़कर जीत हासिल करने पर था।

टूर्नामेंट में भारत का शानदार सफर

भारत ने एक बेहद मजबूत टूर्नामेंट रिकॉर्ड के साथ फाइनल मुकाबले में प्रवेश किया था। स्पोर्टिंग न्यूज और विभिन्न अन्य समाचार आउटलेट्स द्वारा दर्ज किए गए स्वर्ण पदक तक के इस सफर में भारत के परिणाम इस प्रकार रहे हैं। भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ बयालीस और इक्कीस से जीत दर्ज की। ग्रुप चरण में ईरान को सैंतीस और तेईस से हराया। जापान के खिलाफ पचास और पच्चीस से बड़ी जीत हासिल की। सेमीफाइनल मुकाबले में नेपाल को अड़तालीस और चौबीस से हराया। और अंत में फाइनल मुकाबले में ईरान को सैंतीस और चौबीस से पराजित किया।

संदर्भ और टीम की पूरी संरचना

वर्ष दो हजार दस के ग्वांगझू संस्करण से ही महिला कबड्डी कार्यक्रम एशियन गेम्स का एक नियमित हिस्सा रहा है। भारत ने दो हजार दस दो हजार चौदह दो हजार तेईस और अब दो हजार छब्बीस में स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं। वर्ष दो हजार अठारह का जकार्ता फाइनल एकमात्र ऐसा अवसर रहा है जब भारत शीर्ष स्थान हासिल नहीं कर पाया था क्योंकि उस फाइनल में उसे ईरान से हार का सामना करना पड़ा था। इसी पुराने इतिहास का प्रभाव इस मैच पर भी साफ देखने को मिला क्योंकि ईरान ने अपनी स्टार रेडर ज़हरा करीमी को शुरुआत में बेंच पर बैठाया था। भारत के लिए खेलने वाली इस स्क्वाड में कप्तान पुष्पा राणा उपकप्तान रितु नेगी पूजा संजू देवी निकिता हथवावाला सोनाली शिंगटे रितु श्योरण ज्योति ठाकुर पिंकी रॉय मनीषा कुमारी भावना ठाकुर और राजरानी शामिल थीं। ये सभी बेहतरीन एथलीट घरेलू प्रो कबड्डी लीग के लिए एक मजबूत पाइपलाइन का प्रतिनिधित्व करती हैं।

अन्य खेलों में भारत का प्रदर्शन

इस शानदार जीत ने भारत को आइची नागोया खेलों का तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया है। यह सफलता महिलाओं के क्रिकेट और सुरुचि सिंह तथा कमलजीत वाले दस मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम शूटिंग इवेंट की सफलताओं के बाद आई है। खेल पत्रकारों और डेस्क ने इस बात पर विशेष ध्यान दिया है कि कबड्डी का यह स्वर्ण पदक राष्ट्रीय पदक तालिका में एक बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान है। एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया या फिर आयोजन समिति की भविष्य की आधिकारिक सूचियों से प्रत्येक खिलाड़ी के लिए विशिष्ट रेड और टैकल काउंट सहित पूरी स्कोरशीट मिल सकती है। यह अभी भी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि बारह खिलाड़ियों के इस पूरे स्क्वाड में पुरस्कार राशि और राज्य के पुरस्कार किस प्रकार बांटे जाएंगे।

आने वाले अन्य मुकाबले

भारत की पुरुष टीम को भी इसी दिन बाद में स्वर्ण पदक के लिए ईरान का सामना करना था। अनाहत सिंह भी महिलाओं की स्क्वॉश सिंगल्स के फाइनल में मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और वह इस इवेंट के इस मुकाम तक पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। भारतीय दल के लिए एक साथ हुए विकास में अभय सिंह भी पुरुषों के स्क्वॉश फाइनल में पहुंच गए हैं।

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