गुरुग्राम: भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से हमारे उद्योगों को मिलेगा निर्यात का बड़ा बाजार: दीपक मैनी

गुरुग्राम: भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से हमारे उद्योगों को मिलेगा निर्यात का बड़ा बाजार: दीपक मैनी

भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते को न्यूजीलैंड की संसद से अंतिम मंजूरी मिल गई है। इससे दोनों देशों के बीच कारोबार बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। इससे भारतीय उद्योगों के लिए न्यूजीलैंड का बाजार ज्यादा खुला होगा। हरियाणा के साथ गुरुग्राम की ऑटो, ऑटो-कंपोनेंट, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, फुटवियर और जेम्स-ज्वेलरी इंडस्ट्री को निर्यात के नए अवसर मिल सकते हैं। यह कहना है प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री यानी पीएफटीआई के चेयरमैन दीपक मैनी का।

गुरुवार को उन्होंने कहा कि यह समझौता भारतीय उद्योगों को नए बाजार से जोड़ने में मदद करेगा। यह समझौता निर्यात बढ़ाने में भी पूरी मदद कर सकता है। मैनी ने कहा कि समझौते के तहत न्यूजीलैंड भारत के 100 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क-मुक्त बाजार पहुंच देगा। दोनों देशों ने 27 अप्रैल को एफटीए पर हस्ताक्षर किए थे। अब न्यूजीलैंड की संसद की मंजूरी के बाद अगले महीने से इसके लागू होने की उम्मीद है।

न्यूजीलैंड भारत के कपड़ा, परिधान, चमड़ा, जूते, रत्न एवं आभूषण और इंजीनियरिंग सामान समेत कई उत्पादों को शुल्क-मुक्त बाजार उपलब्ध कराएगा। न्यूजीलैंड ने भारत के 70 प्रतिशत उत्पादों पर शुल्क में छूट देने की बात कही है। मैनी के अनुसार इससे भारतीय कंपनियों के उत्पाद न्यूजीलैंड के बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकेंगे। भारत न्यूजीलैंड से मुख्य रूप से डेयरी उत्पाद आयात करता है। इसके अलावा लकड़ी और वुड प्रोडक्ट्स, ऊन, फल, खाद्य उत्पाद और औद्योगिक कच्चा माल भी आयात किया जाता है।

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वहीं भारत से न्यूजीलैंड को टेक्सटाइल और गारमेंट भेजे जाते हैं। चमड़ा, फुटवियर, जेम्स-ज्वेलरी और इंजीनियरिंग सामान भी भेजे जाते हैं। इसके अलावा मशीनरी, ऑटो-कंपोनेंट और दवा उत्पाद भी न्यूजीलैंड भेजे जाते हैं। मैनी ने कहा कि गुरुग्राम में ऑटोमोबाइल और ऑटो-कंपोनेंट का बड़ा आधार है। यहां इंजीनियरिंग व अन्य मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों का भी बड़ा आधार है।

गुरुग्राम और हरियाणा के उद्योगों को मिलेंगे नए अवसर

एफटीए के बाद इन उद्योगों को न्यूजीलैंड में नए ग्राहक तलाशने का अवसर मिलेगा। इन उद्योगों को वहां नया कारोबार तलाशने का मौका भी मिलेगा। हरियाणा के एमएसएमई भी इसका पूरा फायदा उठा सकते हैं। उन्होंने बताया कि समझौते में न्यूजीलैंड की ओर से एक बड़ा कदम उठाया गया है। न्यूजीलैंड की ओर से अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता है।

भारतीय पेशेवरों के लिए अस्थायी रोजगार वीजा की व्यवस्था

भारतीय पेशेवरों के लिए एक समय में 5,000 तक अस्थायी रोजगार वीजा की व्यवस्था होगी। इससे निवेश और सर्विस सेक्टर में रोजगार के नए अवसर बन सकते हैं। इस व्यवस्था से दोनों देशों के बीच संबंधों को भी मजबूती मिलेगी।

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