आईआईटीएफ-2026 में दिखेगा हरियाणा के उत्पादों का दम, एमएसएमई और कारीगरों को मिलेगा बड़ा बाजार

हरियाणा के स्थानीय उत्पादों, एमएसएमई और कारीगरों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने के लिए राज्य सरकार बड़े प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार आने वाले ‘भारत अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला (आईआईटीएफ)-2026’ में राज्य की व्यापक भागीदारी पूरी तरह सुनिश्चित करेगी। यह प्रतिष्ठित व्यापार मेला आगामी 14 से 27 नवंबर तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। इस बड़े मेले के दौरान राज्य के एमएसएमई, विभिन्न कारीगरों और राज्य में निर्मित होने वाले अलग-अलग उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। मेले में छोटे उद्यमों और सभी कारीगरों को बहुत ही रियायती दरों पर स्टॉल उपलब्ध करवाए जाएंगे। इन स्टॉलों के मिलने से ये सभी अपने उत्पादों का प्रदर्शन और विपणन आसानी से कर सकेंगे। इससे वे देश भर के खरीदारों तक अपनी सीधी पहुंच बहुत कम समय में बना सकेंगे।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक
राज्य की इस बड़ी भागीदारी से जुड़ी सभी तैयारियों को लेकर गुरुवार को एक अहम बैठक हुई। यह बैठक मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में टीएफएएच की गवर्निंग बॉडी की 37वीं बैठक के रूप में विस्तार से आयोजित की गई। इस बैठक में सभी विषयों पर विस्तार से पूरी चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों द्वारा बताया गया कि यह आगामी मेला ‘विकास और विरासत’ थीम पर पूरी तरह आयोजित किया जाएगा। इस विशेष मेले के माध्यम से हरियाणा के सभी एमएसएमई और स्थानीय कारीगरों को अपने उत्पादों के लिए एक बहुत बड़ा बाजार मिलेगा। इसके साथ ही उन्हें नए खरीदारों तक अपनी पहुंच बनाने का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अवसर भी प्राप्त होगा। कम दरों पर मिलने वाले इन स्टॉलों से छोटे उद्यमों को देश के प्रमुख व्यापार मंचों पर अपने उत्पादों की एक खास पहचान बनाने में मदद मिलेगी। इससे वे ग्राहकों से सीधे जुड़ सकेंगे और अपने नए कारोबारी संपर्क भी विकसित कर सकेंगे। इस पूरी प्रक्रिया से राज्य में निर्मित होने वाले उत्पादों के विपणन और उनकी ब्रांडिंग को भी काफी बढ़ावा मिलेगा।
हरियाणा राज्य दिवस का होगा आयोजन
आईआईटीएफ के इस बड़े आयोजन के दौरान 22 नवंबर को एक खास दिन तय किया गया है। इस दिन भारत मंडपम के एम्फीथिएटर में विशेष रूप से ‘हरियाणा राज्य दिवस’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर राज्य की औद्योगिक क्षमता को पूरी प्रमुखता से दिखाया जाएगा। इसके अलावा राज्य की उद्यमिता, हस्तशिल्प तथा स्थानीय उत्पादों की विविधता और यहां की समृद्ध विरासत को भी प्रमुखता के साथ प्रदर्शित करने का पूरा अवसर मिलेगा।
व्यापार मेला प्राधिकरण का बजट मंजूर
इस उच्च स्तरीय बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए हरियाणा व्यापार मेला प्राधिकरण के बजट को मंजूरी दे दी गई है। प्राधिकरण के इस कुल 4.14 करोड़ रुपये के बजट को बैठक में सर्वसम्मति से पास किया गया। इस निर्धारित बजट के माध्यम से प्राधिकरण की विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। इसके साथ ही देश भर के प्रमुख व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में हरियाणा की भागीदारी को भी बहुत प्रभावी ढंग से संचालित किया जाएगा।
आगे भी जारी रहेंगी व्यापारिक साझेदारियां
आईआईटीएफ-2026 के समापन के बाद भी राज्य सरकार का यह सिलसिला रुकने वाला नहीं है। राज्य सरकार हरियाणा के उत्पादों और उद्यमों को देश के विभिन्न बाजारों तक लगातार पहुंचाने का काम करती रहेगी। इसके लिए देश के प्रमुख व्यापारिक आयोजनों में राज्य की भागीदारी आगे भी पूरी तरह जारी रहेगी। आगामी 9 से 11 दिसंबर तक मुंबई शहर में ‘अन्नपूर्णा इंटर फूड-2026’ का आयोजन प्रस्तावित है जिसमें राज्य भाग लेगा। इस कार्यक्रम का आयोजन फिक्की तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के विशेष सहयोग से किया जाएगा। इसी प्रकार की श्रृंखला में जनवरी 2027 के महीने में गुवाहाटी में ‘ईस्ट हिमालयन एक्सपो’ का आयोजन किया जाएगा जिसमें भी राज्य की भागीदारी प्रस्तावित है। यह बहु-उत्पाद प्रदर्शनी भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) द्वारा पूरी तरह आयोजित की जाती है। इसके ठीक बाद मार्च 2027 में नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘आहार इंटरनेशनल फेयर-2027’ का आयोजन होगा। इस प्रसिद्ध मेले में भी हरियाणा राज्य की भागीदारी पूरी तरह से प्रस्तावित की गई है।