जींद के आयुष ग्राम सुलेहडा में आईआईएम रोहतक के विद्यार्थियों ने किया आयुष्मान आरोग्य मंदिर का शैक्षणिक विजिट

जींद के आयुष ग्राम सुलेहडा में आईआईएम रोहतक के विद्यार्थियों ने किया आयुष्मान आरोग्य मंदिर का शैक्षणिक विजिट

आयुष ग्राम सुलेहडा जींद में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट रोहतक के पोस्ट ग्रेजुएशन के विद्यार्थियों द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर सुलेहडा का शैक्षणिक एवं अध्ययनात्मक विजिट किया गया।

नरेंद्र जेठी /नरवाना / 24 सितम्बर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

आयुष ग्राम सुलेहडा जींद में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट रोहतक के पोस्ट ग्रेजुएशन के विद्यार्थियों द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर सुलेहडा का शैक्षणिक एवं अध्ययनात्मक विजिट किया गया। नरवाना से 24 सितंबर को मिली जानकारी के अनुसार, इस विजिट का मुख्य उद्देश्य केंद्र पर उपलब्ध आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं, आयुर्वेद की जीवनशैली संबंधी अवधारणाओं तथा ऋतुचर्या एवं दिनचर्या के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी प्राप्त करना रहा।

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स्वास्थ्य सेवाओं और कार्यप्रणाली की ली जानकारी

इस दौरान आईआईएम रोहतक के विद्यार्थियों ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर सुलेहडा में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं एवं केंद्र की कार्यप्रणाली के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने केंद्र पर उपस्थित बच्चों एवं महिलाओं से बातचीत की। उन्होंने यह जानने का प्रयास किया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्वास्थ्य सेवाओं से उन्हें किस प्रकार लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक उपयोगी बनाने के लिए उनकी क्या अपेक्षाएं हैं, इस पर भी चर्चा की गई। इस दौरान ग्रामीणों के अनुभवों एवं सुझावों पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई।

आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारी

आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि उपायुक्त जींद, जिलाधीश जींद एवं जिला आयुर्वेदिक अधिकारी जींद के निर्देशानुसार विजिट करने वाले विद्यार्थियों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सुलेहडा में उपलब्ध विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं एवं आयुर्वेदिक सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। विद्यार्थियों को सामान्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों में अपनाए जा सकने वाले घरेलू उपायों के बारे में बताया गया। इसके अलावा रसोई में प्रयोग होने वाले विभिन्न मसालों के औषधीय महत्व एवं उपयोग, औषधीय पौधों, उचित आहार-विहार, स्वस्थ दिनचर्या तथा ऋतु के अनुसार अपनाई जाने वाली ऋतुचर्या के विभिन्न पहलुओं के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया गया।

रोगों की रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली पर बल

डॉ. योगेश कुमार ने बताया कि आयुर्वेद में स्वास्थ्य संरक्षण के साथ-साथ रोगों की रोकथाम और स्वस्थ जीवन शैली पर विशेष बल दिया जाता है। विद्यार्थियों द्वारा आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति, औषधीय पौधों, खानपान एवं जीवन शैली से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे गए, जिनका विस्तार पूर्वक समाधान किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को आयुर्वेदिक साहित्य भी भेंट किया गया। विजिट के दौरान विद्यार्थियों ने आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं एवं ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता के कार्यों में विशेष रुचि दिखाई। विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस विजिट के माध्यम से उन्हें यह जानने का अवसर मिला कि आयुर्वेद एक बहुआयामी चिकित्सा पद्धति है, जिसमें केवल रोग के उपचार पर ही नहीं बल्कि व्यक्ति को स्वस्थ बनाए रखने, रोगों की रोकथाम तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। अंत में विद्यार्थियों ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सुलेहडा में ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं एवं स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों की खुलकर सराहना की।

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