आईसीएटी मानेसर ने मनाया ऑटोमोटिव उद्योग में 20 वर्षों की उत्कृष्ट सेवा का उत्सव

इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (आईसीएटी), मानेसर ने शुक्रवार को भारत के ऑटोमोटिव उद्योग के लिए 20 वर्षों की अपनी गौरवपूर्ण एवं उत्कृष्ट सेवा के महत्वपूर्ण पड़ाव का समारोहपूर्वक आयोजन किया। इस अवसर पर वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों, उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर की शोभा बढ़ाने वाले प्रमुख गणमान्य अतिथियों में केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी, भारी उद्योग एवं इस्पात राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा, डॉ. हनीफ कुरैशी, अपर सचिव, भारी उद्योग मंत्रालय, प्रेम चंद्र मौर्य, संयुक्त सचिव, भारी उद्योग मंत्रालय, भारी उद्योग मंत्रालय (MHI), सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH), कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (MoA&FW), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), विद्युत मंत्रालय (MoP), नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE), वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM), ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) तथा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के वरिष्ठ अधिकारी - SIAM एवं ACMA के पूर्व अध्यक्षों सहित उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधि एवं मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।
प्रमुख आकर्षण आईसीएटी की स्वदेशी कृषि मशीनरी
कार्यक्रम में पीएम ई-ड्राइव योजना पर एक विशेष उद्योग संवाद आयोजित किया गया। यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के स्वच्छ, टिकाऊ और आत्मनिर्भर मोबिलिटी की दिशा में संक्रमण को गति देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है। समारोह का एक प्रमुख आकर्षण आईसीएटी की स्वदेशी कृषि मशीनरी परीक्षण सुविधा का उद्घाटन रहा। यह अपनी तरह की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण को गति देने के साथ किसानों को विश्वसनीय और प्रमाणित कृषि उपकरण उपलब्ध कराने में सहयोग देना है। इस सुविधा के साथ आईसीएटी ने ऑटोमोटिव क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए कृषि प्रौद्योगिकी सहित बहु-क्षेत्रीय परीक्षण एवं प्रमाणन केंद्र के रूप में अपने विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
अधिकारियों एवं कर्मचारियों का योगदान यादगार
पिछले दो दशकों में आईसीएटी भारत के ऑटोमोटिव इकोसिस्टम के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में उभरा है और नवाचार, सुरक्षा एवं सतत विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस अवसर पर भारी उद्योग मंत्रालय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, संबंधित नोडल मंत्रालयों, CMVR परीक्षण एजेंसियों, आईसीएटी के आपूर्तिकर्ताओं, सहयोगियों, साझेदारों, सलाहकारों, NATRiP/NAB के पूर्व CEO, ICAT के पूर्व निदेशकों तथा आईसीएटी के समर्पित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अमूल्य योगदान को भी सम्मानपूर्वक स्मरण किया गया, जिनके सामूहिक प्रयासों से यह उपलब्धि संभव हुई है।
आईसीएटी की भविष्य की संभावनाओं की यात्रा
समारोह को संबोधित करते हुए गणमान्य अतिथियों ने इस बात पर जोर दिया कि आईसीएटी की यात्रा केवल पिछले 20 वर्षों की उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य की संभावनाओं की भी यात्रा है। नवाचार, समर्पण और सहयोग के माध्यम से भारत ऑटोमोटिव एवं कृषि प्रौद्योगिकी—दोनों क्षेत्रों में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार है। 20 वर्षों की उत्कृष्टता से भविष्य की नई उड़ान तक —आईसीएटी भारत की तकनीकी प्रगति, आत्मनिर्भरता और नवाचार के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है।