एचटेट पास नहीं करने पर गेस्ट टीचर्स की नौकरी जाने का संकट टला, एक सप्ताह में शुरू होगी नियमितीकरण की प्रक्रिया

हरियाणा में गेस्ट टीचर्स के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। एचटेट पास नहीं करने पर अब किसी भी गेस्ट टीचर की नौकरी नहीं जाएगी। सरकार की तरफ से नियमितीकरण की योजना को अब और तेज करने की पूरी कवायद शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही अब गेस्ट टीचर ट्रांसफर ड्राइव में भी पूरी तरह से हिस्सा लेंगे।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक
यह महत्वपूर्ण आश्वासन शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय दहिया ने हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के प्रतिनिधिमंडल को दिया है। यह बैठक माध्यमिक शिक्षा निदेशक जितेंद्र कुमार और मौलिक शिक्षा निदेशक मनिता मलिक की मौजूदगी में पूरी तरह से आयोजित की गई थी। इस उच्च स्तरीय बैठक में विभिन्न मांगों पर विस्तार से और गंभीरता से चर्चा की गई है। बैठक के दौरान टीईटी, गेस्ट टीचर्स के नियमितीकरण, तबादलों और स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं के मुद्दों पर बातचीत हुई। इसके अलावा गैर-शैक्षणिक कार्यों, सेवा नियमों और लंबित मामलों सहित कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी अधिकारियों ने ठोस कार्रवाई करने का पूरा भरोसा दिया है।
एक सप्ताह के भीतर शुरू होगी नियमितीकरण प्रक्रिया
गेस्ट टीचर्स के नियमितीकरण के मामले में अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से बताया है कि इसकी प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर शुरू कर दी जाएगी। मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार की तरफ से 11 अगस्त को एक पत्र जारी किया गया था। इसी जारी पत्र के अनुसार अब नियमितीकरण के लिए गेस्ट टीचर्स से संबंधित सभी जरूरी मामले मंगवाए जाएंगे।
तबादलों और स्कूल आवंटन को लेकर बनी सहमति
तबादलों के इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर जेबीटी अध्यापकों के भी तबादले करने पर अब पूरी सहमति बन चुकी है। नियम के अनुसार सबसे पहले जेबीटी और सीएंडवी के अंतर्जिला तबादले किए जाएंगे। इसके ठीक बाद जेबीटी के सामान्य तबादले किए जाएंगे। जीएमएस और पीएमएस स्कूलों के अध्यापकों का स्कूल आवंटन दो दिन के भीतर करने की बात कही गई है। इसके तुरंत बाद ही सामान्य तबादला अभियान को बिना किसी देरी के शुरू कर दिया जाएगा।
स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं का होगा विस्तार
स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के तहत 4600 प्राथमिक स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी के नए पद सृजित करने का बड़ा निर्णय लिया जाएगा। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद अन्य स्कूलों में भी नए पदों का सृजन किया जाएगा। इसके साथ ही 118 प्राथमिक और 9 अन्य भवनविहीन स्कूलों के नए भवनों के निर्माण के लिए जरूरी अनुदान तुरंत जारी किया जाएगा।
गैर-शैक्षणिक कार्यों पर रोक और सेवा नियमों में संशोधन
अधिकारियों ने अध्यापकों के गैर-शैक्षणिक कार्यों पर पूरी तरह रोक लगाने की बात कही है। साथ ही अध्यापकों का अधिक से अधिक समय केवल कक्षाओं में ही बिताना सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। साल 2012 के सेवा नियमों में संगठन की मांग के अनुसार ही आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। इस विशिष्ट मुद्दे पर सोमवार को संगठन के साथ एक अलग से विस्तृत बैठक आयोजित की जाएगी।
एसीपी और लंबित मामलों के समाधान के लिए बनेगा सिटिजन चार्टर
एसीपी, चिकित्सा और वेतन संरक्षण सहित अन्य सभी लंबित मामलों के समाधान के लिए जिला स्तर से लेकर निदेशालय स्तर तक एक नया सिटिजन चार्टर बनाया जाएगा। इस पर सभी संबंधित अधिकारियों की पूर्ण सहमति बन गई है। सीएंडवी अध्यापकों के एसीपी से जुड़े सभी मामले अब केवल जिला स्तर पर ही निपटाए जाएंगे। इसके लिए मामलों को निदेशालय में मंगवाने संबंधी पुराने पत्र को तुरंत वापस लिया जाएगा।
हड़ताल अवधि और स्कूल मर्जर पर चर्चा
चार राष्ट्रव्यापी हड़तालों की अवधि के नियमितीकरण के लिए भी बहुत जल्द नया पत्र जारी करने का पूरा भरोसा दिलाया गया है। हालांकि स्कूल मर्जर के मामले में 100 मीटर के दायरे वाले स्कूलों के विलय पर अभी पूर्ण सहमति नहीं बन सकी है। संघ ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि मर्जर के मुद्दे और बैठक में मानी गई मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन जारी रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर इस आंदोलन को और भी अधिक तेज किया जाएगा। अध्यापकों की सभी समस्याओं के समाधान के लिए संगठन के साथ आगे भी नियमित बैठकें जारी रखने पर सहमति बनी है।