हिसार : शहीदों के आदर्शों को जीवन में उतारना ही उनके प्रति सच्चा सम्मान : प्रो. बीआर कम्बोज

हिसार : शहीदों के आदर्शों को जीवन में उतारना ही उनके प्रति सच्चा सम्मान : प्रो. बीआर कम्बोज

हिसार में हरियाणा वीर एवं शहीदी दिवस के अवसर पर हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ‘एक शाम शहीदों के नाम’ शीर्षक के तहत आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में देश के वीर शहीदों के अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण को नमन किया गया। यह भव्य आयोजन गुरुवार को संपन्न हुआ।

छात्र कल्याण निदेशालय की ओर से इंदिरा गांधी ऑडिटोरियम में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कुलपति ने कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति से सभी का मार्गदर्शन किया।

शहीदों का बलिदान राष्ट्र की अमूल्य धरोहर

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कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने अपने संबोधन में कहा कि देश की स्वतंत्रता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए शहीदों द्वारा दिया गया सर्वोच्च बलिदान राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है। शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हम उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें। ऐसा करके ही हम देश और समाज के विकास में अपना योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण और मानवीय मूल्यों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘एक शाम शहीदों के नाम’ महज एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं है। यह उन वीर सपूतों के प्रति कृतज्ञ राष्ट्र की श्रद्धा और सम्मान की अभिव्यक्ति है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

देशभक्ति के रंगों में रंगा सभागार

कार्यक्रम के दौरान पूरा सभागार देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम की भावना से सराबोर रहा। विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों, संगीतमय प्रस्तुतियों, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। विद्यार्थियों की इन शानदार प्रस्तुतियों ने वहां उपस्थित सभी दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

राव तुलाराम के जीवन से प्रेरणा

हरियाणा वीर एवं शहीदी दिवस महान स्वतंत्रता सेनानी एवं वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख योद्धा राव तुलाराम की पुण्यतिथि पर मनाया जाता है। राव तुलाराम ने विदेशी शासन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए अदम्य साहस और देशभक्ति का परिचय दिया था। उनका यह प्रेरणादायक जीवन युवा पीढ़ी के लिए त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति का एक बड़ा स्रोत है।

कार्यक्रम के मुख्य सहयोगी और उपस्थिति

छात्र कल्याण निदेशक डॉ. मदन खीचड़ ने सभी का स्वागत किया और शहीदों के सर्वोच्च बलिदान पर गर्व व्यक्त किया। डॉ. चन्द्र शेखर डागर ने कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस पूरे कार्यक्रम का सुंदर मंच संचालन शगुन और यशिका द्वारा किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, निदेशक, अधिकारी, शिक्षक, गैर-शिक्षक कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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