हिसार में वर्ष 2008 में भर्ती रोडवेज परिचालकों के एसीपी लाभ का रास्ता हुआ साफ, निदेशालय ने मांगी पूरी जानकारी

हरियाणा राज्य परिवहन में वर्ष 2008 में भर्ती हुए परिचालकों को एसीपी लाभ से वंचित रहने के मामले में परिवहन विभाग ने अब बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। राज्य के परिवहन महानिदेशक की ओर से सभी महाप्रबंधकों को पत्र जारी कर दिया गया है। ऐसे परिचालकों की पूरी जानकारी निर्धारित प्रपत्र में उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं। यह जानकारी इसलिए मांगी गई है ताकि पात्र कर्मचारियों को एसीपी लाभ देने के संबंध में आगामी कार्रवाई की जा सके।
वित्त विभाग के पत्र का दिया गया है हवाला
महानिदेशक कार्यालय की ओर से बुधवार को एक पत्र जारी किया गया है। इस पत्र में वित्त विभाग के 8 जून 2020 के पत्र का विशेष रूप से हवाला दिया गया है। सांझा मोर्चा में शामिल हरियाणा राज्य परिवहन की यूनियनों की ओर से यह मांग उठाई गई थी। यह मांग वर्ष 2008 में भर्ती हुए परिचालकों को एसीपी लाभ से वंचित रहने की स्थिति में की गई थी। यूनियनों ने आवश्यक छूट प्रदान करते हुए एक विशेष वेतन वृद्धि देने की मांग की है।
महाप्रबंधकों से मांगी गई है पूरी जानकारी
पत्र में सभी महाप्रबंधकों से वर्ष 2008 में भर्ती हुए उन परिचालकों की जानकारी मांगी गई है। यह जानकारी उन कर्मचारियों के लिए है जिन्हें वित्त विभाग के उक्त पत्र के अनुसार एसीपी लाभ प्राप्त हो चुका है। इसके साथ ही उन कर्मचारियों की भी जानकारी मांगी गई है जो इस लाभ से वंचित हैं। विभाग ने संबंधित जानकारी निर्धारित प्रपत्र में तैयार कर एक अक्टूबर को शाम चार बजे तक मुख्यालय की स्थापना शाखा-4 की ई-मेल पर भेजने के निर्देश दिए हैं।
प्रपत्र में शामिल किए गए हैं कई जरूरी कॉलम
विभाग द्वारा मांगी गई जानकारी में कर्मचारी का नाम और पद का कॉलम शामिल है। इसके अलावा नियुक्ति की तारीख और एसीपी प्रदान किए जाने की तारीख का कॉलम भी दिया गया है। निर्धारित अवधि में एसीपी नहीं दिए जाने की स्थिति में उसका कारण बताने का कॉलम भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही अन्य टिप्पणियों के लिए भी एक अलग कॉलम रखा गया है। रोडवेज कर्मचारियों की लंबित मांगों में एसीपी का मुद्दा भी प्रमुख रूप से शामिल रहा है। अब परिवहन विभाग द्वारा वर्ष 2008 में भर्ती परिचालकों की जानकारी जुटाने के निर्देश जारी होने से इस मामले में आगामी कार्रवाई की पूरी उम्मीद जग गई है।