हिसार : कृषि में तकनीकी नवाचार व मशीनीकरण को बढ़ावा देना समय की मांग : प्रो. बीआर कम्बोज

हिसार में इंजीनियर्स-डे के अवसर पर हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कृषि को आधुनिक, समृद्ध और टिकाऊ बनाने पर विशेष जोर दिया गया। कृषि को आधुनिक, समृद्ध एवं टिकाऊ बनाने में कृषि इंजीनियरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए, समय और श्रम की बचत के लिए, तथा किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए, कृषि मशीनीकरण और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देना इस समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यह महत्वपूर्ण बात हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने बुधवार को मौलिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय में आयोजित इंजीनियर्स-डे समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस कार्यक्रम का आयोजन कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय द्वारा किया गया था। यह आयोजन महान अभियंता और भारत रत्न सर एम. विश्वेश्वरैया की जयंती के उपलक्ष್ಯ में किया गया था। प्रो. कम्बोज ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक कृषि में इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी का महत्व लगातार बहुत तेजी से बढ़ रहा है। आज के समय में जलवायु परिवर्तन, जल एवं प्राकृतिक संसाधनों का कुशल उपयोग, खाद्यान्नों का सुरक्षित भंडारण, और कृषि कार्यों को समय पर पूरा करना कृषि क्षेत्र के सामने प्रमुख चुनौतियां हैं। इन सभी चुनौतियों का समाधान खोजने में कृषि इंजीनियरों की, और विशेषकर युवा इंजीनियरों की, बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है।
कुलपति ने आगे कहा कि छोटे और सीमांत किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना बहुत जरूरी है। इसके लिए ऐसे कृषि उपकरणों और तकनीकों का विकास करना आवश्यक है, जो किसानों की वास्तविक आवश्यकताओं के बिल्कुल अनुरूप हों। कृषि इंजीनियरों को जुताई एवं बिजाई से लेकर फसल कटाई, प्रसंस्करण एवं ढुलाई तक के सभी कृषि कार्यों को आसान, समयबद्ध और कम लागत वाला बनाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि कृषि इंजीनियरों ने पहले ही कृषि मशीनीकरण, मृदा एवं जल संरक्षण, कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन, ऊर्जा प्रबंधन, तथा कृषि उत्पादन बढ़ाने में बहुत उल्लेखनीय योगदान दिया है।
भविष्य के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले समय में स्मार्ट कृषि, सटीक कृषि, संसाधनों के कुशल उपयोग और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में इंजीनियरिंग तकनीकों की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी। कुलपति ने सभी विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपने विषय में विशेषज्ञता हासिल करें। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से यह भी कहा कि वे बदलती तकनीक के अनुरूप स्वयं को निरंतर अपडेट रखें और किसानों की समस्याओं के व्यावहारिक एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल समाधान विकसित करने में अपना योगदान दें।
कार्यक्रम की अन्य मुख्य गतिविधियां और अतिथियों का स्वागत
कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अजय कुमार वशिष्ठ ने सभी आए हुए अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। अपने स्वागत भाषण में उन्होंने बताया कि भारत रत्न से सम्मानित सर एम. विश्वेश्वरैया एक महान सिविल इंजीनियर, कुशल प्रशासक, शिक्षाविद् और समाजसेवी थे। इस शानदार कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा बहुत सुंदर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम के दौरान मंच का संचालन आशुतोष और भूमिका द्वारा किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, निदेशक, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने जीते पुरस्कार
विश्वविद्यालय में आयोजित की गई विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बहुत उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में प्रतिज्ञा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा तमन्ना ने द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया। विजुअल रिएक्शन प्रतियोगिता में प्रतिज्ञा ने प्रथम स्थान, तरुण ने द्वितीय स्थान और यशस्वी ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। क्विज प्रतियोगिता में टीम डी ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया, जिसमें दिव्या, पायल, हंसराज तथा कुसुम शामिल रहे। क्विज में ही टीम सी ने द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया, जिसमें यशस्वी, वंचित, तमन्ना तथा आशुतोष शामिल रहे।
रंगोली मेकिंग प्रतियोगिता में टीम छ: ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया जिसमें लता, कार्तिकेय तथा अनमोल शामिल रहे। रंगोली प्रतियोगिता में टीम पांच ने द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया, जिसमें अदिति, पायल और आशुतोष शामिल रहे। रंगोली में ही टीम सात ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया, जिसमें सृष्टि, निशा और हिमांशु शामिल रहे। इसके अलावा ‘आई एम ए फार्मर’ प्रतियोगिता में सुरभि ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, भूमिका ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा रितेश ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। इस प्रकार सभी विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन किया।