हिसार में टीबी जागरूकता सम्मेलन: विज्ञान, तकनीक और जनता की भागीदारी से खत्म होगी बीमारी

गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में यूथ रेड क्रॉस इकाई की तरफ से एक स्वास्थ्य जागरूकता सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के मुख्य उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में लगभग 150 स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। सभी स्वयंसेवकों ने समाज में जागरूकता फैलाने का दृढ़ संकल्प लिया।
टीबी जागरूकता सम्मेलन और मुख्य वक्ता की जानकारी
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डिप्टी सिविल सर्जन (टीबी) डॉ. जितेन्द्र शर्मा ने शिरकत की। डॉ. जितेन्द्र शर्मा ने वहां मौजूद विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों को टीबी के कारण, लक्षण, जांच, उपचार और बचाव के उपायों की पूरी जानकारी दी।
टीबी को जड़ से मिटाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
डॉ. जितेन्द्र शर्मा ने शनिवार को बताया कि टीबी आज भी प्रमुख स्वास्थ्य चुनौतियों में शामिल है। हालांकि यह एक पूरी तरह उपचार योग्य बीमारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीबी को जड़ से समाप्त करने के लिए चिकित्सा विज्ञान, आधुनिक तकनीक और समाज की सामूहिक भागीदारी बहुत जरूरी है। आधुनिक जांच तकनीकों की वजह से अब कम समय में टीबी की सटीक पहचान होना संभव हो गया है। इसके अलावा औषधि-प्रतिरोधी टीबी के उपचार में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
टीबी के इलाज में सावधानी और दवाएं
चिकित्सक की सलाह के बिना टीबी की दवाएं बीच में बंद नहीं करनी चाहिए। अधूरा उपचार करने से बीमारी के दोबारा बढ़ने का खतरा रहता है। साथ ही इससे दवाओं के प्रति प्रतिरोध विकसित होने का खतरा भी काफी बढ़ जाता है।
निक्षय पोषण योजना और प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान
डॉ. शर्मा ने ‘निक्षय पोषण योजना’ और ‘प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान’ के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निक्षय पोषण योजना के माध्यम से टीबी रोगियों को उपचार के दौरान पोषण संबंधी सहायता दी जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों से अपील की कि वे ‘निक्षय मित्र’ बनकर टीबी रोगियों को सहयोग प्रदान करें। साथ ही उन्हें पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाने में मदद करें।
कार्यक्रम की शुरुआत और मोबाइल ऐप की जानकारी
कार्यक्रम के आरंभ में यूथ रेड क्रॉस इकाई के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. महावीर प्रसाद ने मुख्य वक्ता और आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। जिला नागरिक अस्पताल से आए मनदीप मलिक और जगत सिंह ने स्वयंसेवकों को ‘निक्षय’ मोबाइल अनुप्रयोग डाउनलोड करने की जानकारी दी। उन्होंने स्वयंसेवकों को टीबी रोगियों को सहयोग एवं गोद लेने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें रोगियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखना चाहिए। साथ ही उन्हें अपना उपचार पूरा करने के लिए हमेशा प्रोत्साहित करना चाहिए।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
इस अवसर पर नारिंग विभाग की प्राध्यापक रितु सोनी, कोयल, सोनू, अनुसूइया, आभा नरवाल, विपिन कुमार उपस्थित रहे। इसके अलावा यूथ रेड क्रॉस के क्षेत्रीय समन्वयक सुरेंद्र श्योराण सहित अन्य कई शिक्षक और स्वयंसेवक भी वहां मौजूद थे।