हिसार में स्वदेशी जागरण मंच का सम्मान समारोह: 62 उद्यमी और 114 शिक्षक हुए सम्मानित

हिसार में स्वदेशी सोच को बढ़ावा देने के लिए स्वदेशी जागरण मंच ने शिक्षक व उद्यमी सम्मान समारोह का आयोजन किया। यह कार्यक्रम पूरे उत्साह के साथ गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के चौ. रणबीर सिंह ऑडिटोरियम के हॉल-1 में आयोजित किया गया। इस समारोह में कुल 62 उद्यमियों और 114 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। सभी को सम्मानित करके स्वदेशी विचारधारा अपनाने का विशेष आह्वान किया गया। यह कार्यक्रम 01 अक्टूबर को हिसार में आयोजित हुआ।
समारोह के मुख्य अतिथि और गणमान्य लोग
गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विजय कुमार ने गुरुवार को आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस कार्यक्रम में कुलदीप पूनिया मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। गुजवि के कुलसचिव डॉ. विजय कौशिक और प्लेसमेंट डायरेक्टर डॉ. प्रताप मलिक का इस कार्यक्रम में विशेष सानिध्य रहा। विभाग संयोजक डॉ. संजीव शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और उनका आभार जताया।
उपस्थित पदाधिकारी और कार्यकर्ता
इस कार्यक्रम के दौरान जिला संयोजक राकेश चराया मौजूद रहे। उनके साथ भारत भूषण, सुमन ऐरन, पूनम नागपाल, अनिल, अजीत, पुनीत, दिनेश, राकेश शर्मा, मांगेराम और उषा सहित काफी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इन सभी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।
स्वदेशी उत्पादों और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले उद्यमियों व शिक्षकों को सम्मानित करने के उपरांत स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का आह्वान किया गया। समारोह में यह बात स्पष्ट की गई कि स्वदेशी केवल उत्पाद खरीदने तक सीमित नहीं है। बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सोच है। समारोह में स्वदेशी सोच और स्वदेशी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
स्थानीय रोजगार और छोटे उद्यमों को प्रोत्साहन
समारोह में यह भी कहा गया कि स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए। ऐसा करने से छोटे व मध्यम उद्यमों को प्रोत्साहन मिलता है। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी काफी बढ़ते हैं।
निरंतर जागरूकता और स्वदेशी मेला
विभाग संयोजक संजीव शर्मा ने बताया कि स्वदेशी जागरण मंच लोगों को स्वदेशी उत्पादों के प्रति निरंतर जागरूक कर रहा है। इसके साथ ही सभी को सभी उत्पाद स्वदेशी खरीदने के लिए भी लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा हर वर्ष एक विशाल स्वदेशी मेला भी आयोजित किया जाता है। इस मेले के माध्यम से हजारों नागरिकों व विद्यार्थियों को स्वदेशी विचारधारा से जोड़ा जाता है।