हिसार में एसपी सिद्धांत जैन ने की एनसीओआरडी बैठक, तस्करों पर कार्रवाई और नशा पीड़ितों के उपचार पर जोर

हिसार जिले में नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने अपने कार्यालय में एनसीओआरडी एवं नशा मुक्ति अभियान टीम की एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य तस्करों के नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई करना और नशा पीड़ितों के उपचार व फॉलोअप के निर्देश देना था। बैठक में डीएसपी क्राइम, नशा मुक्ति टीम के सदस्य और नशा पीड़ितों के केयरटेकर विशेष रूप से मौजूद रहे।
एसपी सिद्धांत जैन ने गुरुवार को इस अभियान के तहत अब तक की गई सभी प्रकार की कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने नशा तस्करों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई, नशा पीड़ितों की पहचान, उनके उपचार और फॉलोअप की वर्तमान स्थिति की पूरी जानकारी ली। एसपी ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि छोटे से लेकर बड़े तस्कर तक किसी भी अपराधी को बख्शा न जाए। उन्होंने नशे की सप्लाई के स्रोत, सप्लाई चेन और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए।
नशे के हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश देते हुए एसपी ने कहा कि किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। एसपी सिद्धांत जैन ने स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्रवाई केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशे के कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क और इस अवैध कारोबार से अर्जित की गई अवैध संपत्ति की भी नियमानुसार गहन जांच की जाए।
नशा मुक्ति टीम के कार्यों की समीक्षा करते हुए एसपी ने उन्हें नशा पीड़ितों की सही पहचान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को तुरंत उपचार से जोड़ा जाए और नियमित फॉलोअप की व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाए। उपचार ले रहे प्रत्येक व्यक्ति की प्रगति पर निरंतर नजर रखी जाए और जरूरत के अनुसार उन्हें हरसंभव चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध करवाने में पूरा सहयोग दिया जाए।
केयरटेकरों को भी विशेष निर्देश देते हुए कहा गया कि वे नशा छोड़ने वाले सभी व्यक्तियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखें। उन्हें एक सकारात्मक वातावरण प्रदान किया जाए और उनके परिवार का पूरा सहयोग सुनिश्चित किया जाए। एसपी सिद्धांत जैन ने कहा कि नशे के खिलाफ इस गंभीर लड़ाई में पुलिस की सख्ती के साथ-साथ समाज और परिवार का सक्रिय सहयोग होना भी बेहद जरूरी है।
एसपी ने बताया कि एक तरफ जहां तस्करों के खिलाफ कानून का शिकंजा पूरी तरह मजबूत रहेगा, वहीं दूसरी तरफ नशा पीड़ितों को उचित उपचार, सही मार्गदर्शन और एक सकारात्मक वातावरण उपलब्ध करवाकर उन्हें सामान्य जीवन की ओर लौटाने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे। बैठक में एसपी ने सभी संबंधित अधिकारियों को नशा मुक्ति अभियान की गतिविधियों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
अभियान को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने तथा प्रत्येक अधिकारी को अपनी यह जिम्मेदारी पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निभाने के लिए कहा गया। उन्होंने अंत में स्पष्ट किया कि नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस की यह कार्रवाई भविष्य में भी लगातार जारी रहेगी और हमारी युवा पीढ़ी को नशे के बुरे साए से बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।