हिसार में एसपी सिद्धांत जैन ने साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के दिए निर्देश

हिसार में साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। पुलिस ने साइबर ठगी की शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई और ठगी गई रकम को सुरक्षित कराने के लिए साइबर क्राइम थाना स्तर पर निगरानी बढ़ा दी है। हिसार में 18 सितंबर को पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने साइबर क्राइम थाना में रिव्यू मीटिंग ली। इस बैठक में लंबित मामलों, आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी तथा ठगी की रकम होल्ड और रिफंड कराने की कार्रवाई की समीक्षा की गई। इस बैठक में एएसपी मयंक मुदगिल, थाना प्रभारी निरीक्षक ईश्वर सिंह व साइबर मामलों के जांच अधिकारी मौजूद रहे।
साइबर अपराध की हर शिकायत पर तुरंत एक्शन लें
एसपी ने जांच अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि साइबर अपराध से जुड़ी प्रत्येक शिकायत को गंभीरता और प्राथमिकता से लिया जाए। शिकायत मिलते ही बिना देरी तकनीकी और कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए। उन्होंने बैंकों और वित्तीय संस्थानों से प्रभावी समन्वय कर ठगी की रकम को जल्द से जल्द होल्ड कराने के निर्देश दिए। इसके बाद नियमानुसार पीड़ित को वह रकम वापस करवाने के निर्देश दिए गए हैं। एसपी ने कहा कि साइबर अपराध में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है और जांच में देरी अपराधी के लिए बड़ा मौका बन सकती है।
पूरे नेटवर्क तक पहुंचने के लिए दिए गए निर्देश
एसपी ने अधिकारियों को बैंकिंग ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबर, डिजिटल डिवाइस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण करने को कहा। इन सभी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्रवाई किसी एक आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। साइबर अपराधियों के गिरोह, बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन और अपराध करने के तरीकों की कड़ियां जोड़ी जाएं। इसके बाद पूरे नेटवर्क का पता लगाकर ठोस साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
पीड़ितों से संवेदनशीलता से पेश आएं पुलिसकर्मी
एसपी ने साइबर ठगी के पीड़ितों से संवेदनशीलता से पेश आने के निर्देश दिए हैं। पीड़ितों को शिकायत प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई के संबंध में उचित मार्गदर्शन दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही आमजन को साइबर अपराध के नए तरीकों से बचाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि साइबर अपराधों की जांच में किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।