हिसार में सुभाषिनी अली का बड़ा बयान, कहा- गांधी और भगत सिंह के विचारों को अपनाना आज के समय में है जरूरी

हिसार में सुभाषिनी अली का बड़ा बयान, कहा- गांधी और भगत सिंह के विचारों को अपनाना आज के समय में है जरूरी

हिसार जिला बार एसोसिएशन हॉल में ‘गांधी व भगत सिंह की दूसरी शहादत’ विषय पर एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। यह सेमिनार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन तथा अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की जिला कमेटियों की तरफ से किया गया था।

  • हिसार के जिला बार एसोसिएशन के बार रूम में शुक्रवार को यह सेमिनार आयोजित हुआ।
  • सेमिनार का मुख्य विषय गांधी व भगत सिंह की दूसरी शहादत रखा गया था।
  • कार्यक्रम में जातिवाद और सांप्रदायिकता के खिलाफ एकजुट होने का स्पष्ट आह्वान किया गया।

मुख्य वक्ता सुभाषिनी अली सहगल के विचार

AtalHind की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

इस सेमिनार की मुख्य वक्ता पूर्व सांसद, जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी कैप्टन लक्ष्मी सहगल की बेटी सुभाषिनी अली सहगल रहीं। कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता लॉयर्स यूनियन के एडवोकेट फूल कुमार सांगवान और जनवादी महिला समिति की शकुंतला जाखड़ ने मिलकर की। सुभाषिनी अली सहगल ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि महात्मा गांधी और भगत सिंह हमेशा अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे। वे देश के लिए कुर्बानी देने से कभी भी पीछे नहीं हटे।

सांप्रदायिकता और जातिवाद का विरोध

उन्होंने कहा कि दोनों ने सांप्रदायिकता और जात-पात का डटकर विरोध किया था। उन्होंने बताया कि आज गांधी और भगत सिंह की तस्वीरों पर औपचारिक रूप से केवल माल्यार्पण किया जाता है। लेकिन उनके विचारों को अपनाने की दिशा में अपेक्षित गंभीरता बिल्कुल भी दिखाई नहीं देती है। उन्होंने कहा कि गांधी और भगत सिंह दोनों जातिवाद और सांप्रदायिकता के घोर विरोधी थे। जबकि आज वर्तमान समय में जाति और धर्म के नाम पर विभाजन की राजनीति को बढ़ावा दिए जाने की बातें लगातार सामने आ रही हैं।

महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर चिंता

सुभाषिनी अली ने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों के आरोपियों की रिहाई समाज के लिए बेहद गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने देश को जातिवाद, सांप्रदायिकता, नफरत और विभाजनकारी राजनीति से पूरी तरह मुक्त कराने की बात कही। इसके लिए उन्होंने लोकतांत्रिक एवं प्रगतिशील ताकतों को एकजुट होकर संघर्ष करने का बड़ा आह्वान किया।

आजादी के मूल्यों की रक्षा

उन्होंने कहा कि समानता, न्याय, भाईचारे, मानवता और लोकतंत्र जैसे आजादी के मूल्यों की रक्षा करनी होगी। इसके लिए हम सभी को अपने साझा संघर्षों को आगे बढ़ाना ही होगा। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में भगत सिंह के महत्वपूर्ण लेखों तथा महात्मा गांधी के जीवन के अंतिम तीन महीनों के संघर्ष को समझना बेहद जरूरी है।

कार्यक्रम का संचालन और अन्य वक्ता

इस कार्यक्रम का कुशल संचालन लॉयर्स यूनियन के एडवोकेट सोमदत्त शर्मा और जनवादी महिला समिति की बबली लांबा ने संयुक्त रूप से किया। इस सेमिनार को जिला बार एसोसिएशन के प्रधान प्रदीप बाजिया एडवोकेट ने भी संबोधित किया। इसके अलावा उप प्रधान राहुल सिंह एडवोकेट, सचिव सिहाग एडवोकेट, सह सचिव साहिल मंडेरना एडवोकेट तथा कोषाध्यक्ष आशा रानी एडवोकेट ने भी अपने विचार रखे। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल, एडवोकेट सुरेंद्र ढुल व इनेलो प्रवक्ता अनु सुरा ने भी अपने विचार साझा किए।

Share:

Comments

Leave a comment