हिसार : खरीद शुरू करने की बजाय किसानों पर ही कार्रवाई कर रही सरकार : संपत सिंह

हिसार, 23 सितंबर : शाहाबाद में धान की सरकारी खरीद शुरू कराने की मांग को लेकर किसानों और पुलिस के बीच हुए टकराव पर पूर्व वित्त मंत्री एवं इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. संपत सिंह ने भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अपनी फसल की सरकारी खरीद की मांग कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज, पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। इस घटना में किसानों के घायल होने और कुछ किसानों को हिरासत में लिए जाने का भी उन्होंने दावा किया। शाहाबाद में मंगलवार को किसानों द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग-44 की ओर बढ़ने के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था।
मंडियों में धान पहुंचने के बावजूद तत्काल खरीद और भुगतान की मांग
प्रो. संपत सिंह ने बुधवार को कहा कि यह केवल शाहाबाद के किसानों का मुद्दा नहीं है, बल्कि हरियाणा के उन किसानों से जुड़ा सवाल है जिनकी धान की फसल मंडियों में पहुंच रही है। किसान चाहता है कि उसकी फसल की समय पर सरकारी खरीद हो, ताकि उसे मजबूरी में कम कीमत पर धान न बेचना पड़े। उन्होंने दावा किया कि खरीद में देरी के कारण किसानों को 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल तक कम दाम पर फसल बेचने की स्थिति बन रही है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र जिले की मंडियों में बड़ी मात्रा में धान पहुंच चुका है और खरीद शुरू नहीं होने से किसानों की परेशानी बढ़ रही है।
अंबाला, करनाल, पानीपत सहित अन्य जिलों में धान की आवक
अंबाला, करनाल, पानीपत, सिरसा, फतेहाबाद, कैथल और यमुनानगर सहित अन्य जिलों की मंडियों में भी धान की आवक हो रही है। किसानों का कहना है कि फसल मंडियों में पहुंचने के बावजूद सरकारी खरीद में देरी से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रो. संपत सिंह ने कहा कि सरकार को किसानों को आंदोलन के लिए मजबूर करने की बजाय मंडियों में तत्काल खरीद, भुगतान और उठान की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने सरकार से पुलिस कार्रवाई की जांच कराने, हिरासत में लिए गए किसानों को रिहा करने और बिना देरी धान की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसान अपनी फसल के उचित दाम और समय पर खरीद की मांग कर रहा है, इसलिए सरकार को बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए।