हिसार में रिटायर्ड कर्मचारियों का 24 घंटे का महापड़ाव शुरू, पेंशन नियम अधिनियम-2025 वापस लेने की मांग

हिसार में रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर 24 घंटे का महापड़ाव शुरू कर दिया है। यह महापड़ाव पेंशन नियम अधिनियम-2025 को वापस लेने और आठवें वेतन आयोग का लाभ देने की मांग को लेकर किया जा रहा है।
- पेंशन नियम अधिनियम-2025 वापस लेने की मांग
- आठवें वेतन आयोग का लाभ देने की मांग
- जिला मुख्यालय पर 24 घंटे का महापड़ाव
- 30 सितंबर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन
महापड़ाव की अध्यक्षता और संचालन
इस महापड़ाव की अध्यक्षता जिला प्रधान मनोहर लाल जाखड़ ने की है। इस कार्यक्रम का संचालन जिला सचिव नरेश गौतम द्वारा किया गया है। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार को सेवानिवृत्त कर्मचारियों की मांगों के प्रति गंभीरता दिखानी चाहिए।
राज्य उपप्रधान निर्मला का बयान
महापड़ाव को संबोधित करते हुए राज्य उपप्रधान निर्मला ने मंगलवार को कहा कि सरकार की नीतियों से पेंशनभोगियों के हित प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को वेतन आयोग का लाभ मिलने में लंबा इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि भारतीय राज्य सरकारी पेंशन फेडरेशन के आह्वान पर देशभर के जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे का महापड़ाव किया जा रहा है।
आगामी आंदोलन की चेतावनी
30 सितंबर को उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि पेंशनभोगियों, पारिवारिक पेंशनभोगियों और वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों व हितों की रक्षा के लिए देशव्यापी संघर्ष तेज किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 12 दिसंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में देशभर के सेवानिवृत्त कर्मचारी महा रैली करेंगे।
जिला पदाधिकारियों के विचार
जिला प्रेस सचिव जगदीश चंद्र बिश्नोई और जिला कोषाध्यक्ष मास्टर जयबीर सिंह ने कहा कि कर्मचारी 30 से 40 वर्ष तक सरकारी सेवा में योगदान देने के बाद सेवानिवृत्त होते हैं। इसलिए उनकी पेंशन संबंधी सुविधाओं में कटौती नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने आठवें वेतन आयोग का लाभ सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी देने की मांग की।
प्रमुख मांगें
संगठन ने पेंशन नियम अधिनियम-2025 वापस लेने की प्रमुख मांग उठाई है। इसके साथ ही आठवें वेतन आयोग को बिना शर्त लागू करने, पेंशनभोगियों को अंतरिम राहत देने और 50 प्रतिशत महंगाई भत्ते को वेतन व पेंशन में शामिल करने की मांग की गई है। संगठन ने पेंशन समानता लागू करने, पारिवारिक पेंशन में सुधार करने, एनपीएस व यूपीएस समाप्त कर पुरानी पेंशन बहाल करने तथा 18 महीने के लंबित महंगाई भत्ते का भुगतान करने की मांग की है। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेलवे व हवाई यात्रा में मिलने वाली रियायत बहाल करने, चिकित्सा सुविधाओं में सुधार करने तथा उम्र बढ़ने के साथ अतिरिक्त पेंशन देने की मांग भी उठाई गई।
अन्य वक्ताओं के संबोधन
महापड़ाव को नानक देव रानोलिया, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान अशोक सैनी, चंदगीराम, महाबीर सिंह, शकुंतला जाखड़, दिनेश सिवाच, जसवंत सिंह, जय सिंह, दिलबाग हुड्डा, श्योचंदराम घोड़ेला, प्रदीप जांगड़ा और मास्टर देशराज सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।