हिसार की राजगुरु मार्केट में नई पार्किंग व्यवस्था पर मचा बवाल, व्यापारियों ने उठाए गंभीर सवाल

हिसार की राजगुरु मार्केट में नई पार्किंग व्यवस्था पर मचा बवाल, व्यापारियों ने उठाए गंभीर सवाल

हिसार शहर के सबसे प्रमुख और व्यस्त क्षेत्र राजगुरु मार्केट में नगर निगम की नई पार्किंग व्यवस्था शुरू होते ही विवादों में घिर गई है। महिलाओं के हाथों में पार्किंग की कमान सौंपे जाने के दूसरे ही दिन राजगुरु मार्केट एसोसिएशन ने व्यवस्था की खामियां गिनाते हुए निगम के फैसले पर सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यापारियों का साफ तौर पर कहना है कि इतनी बड़ी पार्किंग को महज दो-तीन महिला कर्मचारियों के भरोसे छोड़ना जमीनी हकीकत से पूरी तरह अनजान फैसला है। खासकर त्योहारों के इस सीजन में इस प्रकार की व्यवस्था से भारी जाम और गंभीर अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है।

कर्मचारियों की संख्या और ठेके की पूरी जानकारी

पार्किंग के संचालन को लेकर मिली जानकारी के अनुसार, पहले दिन शुक्रवार को करीब नौ महिला कर्मचारी पूरी यूनिफॉर्म में पार्किंग व्यवस्था संभालती हुई नजर आई थीं। इसके विपरीत, शनिवार को मौके पर महज दो महिला कर्मचारी ही दिखाई दीं। ई-टेंडरिंग के तहत कांता सेल्फ हेल्प ग्रुप, ढाणी श्यामलाल, और सीमा शर्मा प्रधान को एक वर्ष के लिए 5.51 लाख रुपये में पार्किंग का ठेका दिया गया है। राजगुरु मार्केट और पंजाबी धर्मशाला के सामने का पार्किंग क्षेत्र बहुत बड़ा है। एसोसिएशन का यह भी कहना है कि दो महिलाएं इस पूरे क्षेत्र को संभालने में बिल्कुल भी सक्षम नहीं होंगी।

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व्यापारियों की चिंताएं और सुरक्षा के मुद्दे

व्यापारियों के अनुसार, मौके पर पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण वाहनों की लंबी कतारें लगने और ट्रैफिक जाम की स्थिति लगातार बन रही है। इसके अलावा, वाहन चालकों और पार्किंग कर्मचारियों के बीच कहासुनी होने की आशंका भी हर समय बनी रहती है। ऐसे में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनके साथ पुरुष कर्मचारियों की तैनाती करना भी बेहद जरूरी है। राजगुरु मार्केट एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र बजाज और अन्य सभी पदाधिकारियों का कहना है कि पहले यह पार्किंग वेलफेयर एसोसिएशन के पास ही हुआ करती थी।

नगर निगम की कार्यप्रणाली पर असंतोष

यह पार्किंग पिछले करीब डेढ़ महीने से पूरी तरह बंद पड़ी थी। निगम ने एसोसिएशन से किसी भी प्रकार का संवाद या समन्वय किए बिना ही सीधे तौर पर नया ठेका लागू कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि पार्किंग का क्षेत्र बहुत बड़ा है और इसके सुचारू संचालन के लिए पर्याप्त स्टाफ की आवश्यकता है। एसोसिएशन के सचिव महेश चौधरी ने कहा कि महिलाओं को अकेले इतनी बड़ी पार्किंग संभालने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। त्योहारों के दौरान भीड़ बढ़ने पर यह स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण बन जाएगी।

असामाजिक तत्वों और विवाद की चेतावनी

सीनियर वाइस प्रेसिडेंट टीनू आहूजा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पार्किंग व्यवस्था सही तरीके से नहीं चली या इसमें किसी भी असामाजिक तत्व को शामिल किया गया, तो एसोसिएशन इसका पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन को कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले मार्केट एसोसिएशन के साथ उचित समन्वय जरूर करना चाहिए था। इतनी बड़ी पार्किंग की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं को देने के बजाय उन्हें किसी छोटे पार्किंग क्षेत्र की जिम्मेदारी दी जा सकती थी।

नगर निगम के कड़े नियम और शुल्क

दूसरी ओर, नगर निगम का कहना है कि पार्किंग व्यवस्था में पूरी तरह पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बेहद कड़े नियम लागू किए गए हैं। नियमों के तहत बिना यूनिफॉर्म के ड्यूटी करने वाले प्रत्येक कर्मचारी पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, पार्किंग में ओवरचार्जिंग मिलने पर 10 हजार से लेकर 20 हजार रुपये तक की भारी पेनल्टी का प्रावधान है। जरूरत पड़ने पर ठेका रद्द करने का भी पूरा प्रावधान रखा गया है। नगर निगम के अनुसार, कार की पार्किंग फीस 30 रुपये प्रतिदिन तय की गई है, जबकि टू-व्हीलर की पार्किंग पूरी तरह निशुल्क रहेगी।

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