हिसार : रेबीज से बचाव के लिए विद्यार्थियों और पशुपालकों को किया जागरूक

हिसार में विश्व रेबीज दिवस के उपलक्ष्य में विशेष जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और पशुपालकों को रेबीज जैसी गंभीर बीमारी से बचाना था।
- कुत्ते के काटने या खरोंचने पर घाव को 15 मिनट तक साबुन-पानी से धोएं।
- तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की जानकारी दी गई।
- लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के केंद्र ने कार्यक्रम किए।
राजकीय उच्च विद्यालय और पशु विज्ञान केंद्र में हुए कार्यक्रम
लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र, क्योड़क, कैथल की ओर से विश्व रेबीज दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को राजकीय उच्च विद्यालय, तितरम तथा पशु विज्ञान केंद्र, तितरम में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों के साथ क्षेत्र के पशुपालकों और किसानों को भी रेबीज बीमारी, इसके संक्रमण और बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। यह सभी कार्यक्रम रविवार को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. विनोद कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित किए गए थे।
अधिकारियों का मिला मार्गदर्शन और सहयोग
इन सभी जागरूकता कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए कई वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन और सहयोग मिला। इनमें डॉ. राजत गर्ग, निदेशक अनुसंधान, लुवास, डॉ. गौतम, निदेशक विस्तार शिक्षा, लुवास तथा डॉ. वंदना भनोट, क्षेत्रीय निदेशक, हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र, क्योड़क का मार्गदर्शन शामिल रहा। इसके अलावा कार्यक्रमों का संचालन और समन्वय डॉ. सुजोय खन्ना द्वारा किया गया।
रेबीज से बचाव और सुरक्षित व्यवहार की जानकारी
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और पशुपालकों को रेबीज रोग, संक्रमण के तरीके और इससे बचाव के बारे में विस्तार से बताया गया। विद्यार्थियों को कुत्ते के काटने से बचने, पशुओं के साथ सुरक्षित एवं जिम्मेदार व्यवहार तथा काटने या खरोंचने की स्थिति में उठाए जाने वाले तत्काल कदमों के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को विशेष रूप से बताया गया कि संभावित रेबीज संक्रमित कुत्ते के काटने या खरोंचने की स्थिति में घाव को साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोना चाहिए तथा बिना देरी चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
पशुपालकों के लिए टीकाकरण और सुरक्षा के निर्देश
पशुपालकों को भी इस दौरान विशेष रूप से जागरूक किया गया। पशुपालकों को पशुओं के नियमित टीकाकरण, कुत्तों और अन्य पशुओं के साथ सुरक्षित व्यवहार तथा पशु के काटने या खरोंचने पर तत्काल घाव की सफाई और चिकित्सकीय सहायता लेने के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान एक प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया था। इस प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों और पशुपालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा रेबीज, पशु व्यवहार और पशु स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे।