हिसार में दस साल बाद मान्यता रिव्यू के विरोध में निजी स्कूल संचालक, किया बहिष्कार का ऐलान

हरियाणा के हिसार में निजी स्कूलों की दस वर्ष बाद होने वाली पुनर्मान्यता रिव्यू प्रक्रिया को लेकर स्कूल संचालकों का विरोध अब काफी तेज हो गया है। बाड़ो पट्टी स्थित बाला जी हाई स्कूल में सर्व हरियाणा प्राइवेट स्कूल ट्रस्ट तथा हरियाणा प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर ट्रस्ट की एक संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया। इस संयुक्त बैठक में सभी स्कूल संचालकों ने सरकार की इस मान्यता रिव्यू प्रक्रिया का पूर्ण रूप से बहिष्कार करने का बड़ा निर्णय लिया है। संचालकों ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे दस वर्ष बाद होने वाली इस मान्यता रिव्यू प्रक्रिया में बिल्कुल शामिल नहीं होंगे।
मान्यता रिव्यू प्रक्रिया का विरोध
बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने शनिवार को यह बात कही कि निजी स्कूल शिक्षा व्यवस्था में अपनी पूरी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं। उनके अनुसार बार-बार की मान्यता संबंधी इन तमाम प्रक्रियाओं की वजह से स्कूल संचालकों पर लगातार अतिरिक्त दबाव काफी ज्यादा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने राज्य सरकार से इस पूरी प्रक्रिया पर फिर से पुनर्विचार करने की पुरजोर मांग की है।
शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाने का विरोध
इसके साथ ही स्कूल संचालकों ने शिक्षकों को जनगणना सहित अन्य सभी प्रकार के गैर-शैक्षणिक कार्यों में ड्यूटी पर लगाने का कड़ा विरोध किया है। उनका यह साफ कहना था कि शिक्षकों का सबसे मुख्य और प्राथमिक दायित्व केवल विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। शिक्षकों की गैर-शैक्षणिक कार्यों में ड्यूटी लगाए जाने की वजह से स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई पर बहुत बुरा असर पड़ता है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि शिक्षकों को ऐसी सभी ड्यूटियों से पूरी तरह से मुक्त रखा जाए।
मांगें नहीं मानीं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने दस वर्ष बाद मान्यता रिव्यू का अपना यह फैसला वापस नहीं लिया और उनकी सभी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं किया, तो एक बड़ी प्रदेश स्तर की बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक के बाद ही आंदोलन की आगामी पूरी रणनीति को तय किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में सर्व हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के राज्य प्रधान नरेंद्र सेठी, प्रधान प्रताप वर्मा, जिला प्रधान सत्यवीर गढ़वाल, राज्य महासचिव अजीत यादव तथा बाला जी हाई स्कूल के संचालक रविंद्र जांगड़ा मुख्य रूप से मौजूद रहे।