हिसार में बहुजन नेता प्रदीप भानखड़ ने एससी-एसटी एक्ट के मामलों में नियमों का सख्ती से पालन करने की मांग उठाई

बहुजन नेता प्रदीप भानखड़ ने हिसार में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम देश के करोड़ों दलित, पिछड़े और वंचित समाज के लोगों को न्याय और सुरक्षा प्रदान करने वाला एक बहुत महत्वपूर्ण कानून है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को बहुजन समाज कभी भी बर्दाश्त नहीं करेगा। उनके अनुसार, इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता होना एक गंभीर चिंता का विषय है।
एससीएसटी एक्ट के मामलों में थाने स्तर पर जमानत पर जताई चिंता
प्रदीप भानखड़ ने शनिवार को यह बात कही है कि समाज के बीच लगातार ऐसी शिकायतें सामने आती रही हैं कि एससीएसटी एक्ट के कुछ मामलों में आरोपियों को थाने स्तर से ही जमानत दे दी जाती है। उन्होंने मांग की है कि ऐसे सभी मामलों में कानून के प्रावधानों का पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ पालन किया जाना चाहिए। यदि कहीं भी कानून की भावना के विपरीत कार्य हो रहा है, तो उसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
पीड़ितों को न्याय दिलाना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी
उन्होंने कहा कि एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज होने वाले मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाना सीधे तौर पर सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस कानून का मुख्य उद्देश्य सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों को सुरक्षा और न्याय प्रदान करना है, इसलिए इसके प्रावधानों को कमजोर करने वाली किसी भी प्रवृत्ति को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। प्रदीप भानखड़ ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार और पुलिस प्रशासन के रवैये को लेकर समाज में लगातार सवाल उठ रहे हैं।
संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना सरकार का कर्तव्य
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एससी/एसटी एक्ट के मामलों में नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं का पूर्ण पालन नहीं किया जाता है, तो इससे कानून की प्रभावशीलता पर असर पड़ता है और पीड़ित पक्ष का न्याय व्यवस्था पर से विश्वास कमजोर हो सकता है। भानखड़ ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना सरकार और प्रशासन का मुख्य कर्तव्य है। अंत में उन्होंने दोहराया कि बहुजन समाज एससी/एसटी एक्ट को कमजोर करने, उसकी भावना के साथ खिलवाड़ करने या फिर पीड़ितों को न्याय से वंचित करने के किसी भी प्रयास को कभी स्वीकार नहीं करेगा।