हिसार पुलिस की बड़ी पहल: 4 महीने में 656 नशा पीड़ितों को मिली आयुर्वेदिक दवाइयां, घर-घर जाकर मदद कर रही टीम

हिसार पुलिस ने नशे के खिलाफ अपनी मुहिम मुहिम को और मजबूत किया है। अब पुलिस केवल कार्रवाई के साथ-साथ नशा पीड़ितों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रही है।
- 60 गांवों और 12 वार्डों में नशा मुक्ति टीम पहुंची।
- 656 नशा पीड़ितों को आयुर्वेदिक दवाइयां उपलब्ध करवाई गईं।
- केयरटेकर्स द्वारा रोजाना फीडबैक लिया जा रहा है।
- नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी है।
नशा मुक्ति टीम का घर-घर अभियान
हिसार पुलिस की नशा मुक्ति टीम पिछले चार महीनों से जिले के 60 गांवों और बरवाला, उकलाना, हिसार व आदमपुर सहित 12 वार्डों में घर-घर जाकर लोगों की मदद कर रही है। इस अभियान के दौरान टीम ने अब तक 656 नशा पीड़ितों को आयुर्वेदिक दवाइयां उपलब्ध करवाई हैं।
पुलिस का कहना है कि नशा पीड़ितों को केवल दवा उपलब्ध करवाना ही उनका लक्ष्य नहीं है। उन्हें नशा छोड़ने के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है। टीम यह प्रयास कर रही है कि नशे की समस्या से जूझ रहे प्रत्येक व्यक्ति को आवश्यक सहयोग, मार्गदर्शन और सहायता मिले, ताकि वह अपने सामान्य जीवन की ओर वापस लौट सके।
केयरटेकर्स के जरिए लगातार फॉलोअप
नशा पीड़ितों की सही देखभाल और लगातार फॉलोअप के लिए उनके साथ केयरटेकर नियुक्त किए गए हैं। ये केयरटेकर प्रतिदिन पीड़ितों से संपर्क करते हैं। वे उनसे दवा के सेवन, नशे से दूरी और उनकी दैनिक दिनचर्या के संबंध में फीडबैक लेते हैं।
यदि किसी पीड़ित को किसी प्रकार की परेशानी या सहायता की आवश्यकता होती है, तो उन्हें आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध करवाया जाता है ताकि वे लत से बाहर निकल सकें।
एसपी सिद्धांत जैन का लक्ष्य: समाज की मुख्यधारा में वापसी
एसपी सिद्धांत जैन ने स्पष्ट किया कि नशा मुक्ति टीम का उद्देश्य केवल दवा देना नहीं है, बल्कि नशा पीड़ितों को लत से बाहर निकालकर समाज की मुख्यधारा में वापस लाना है। इसके लिए पुलिस टीम को लगातार संपर्क, फीडबैक और मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि नशे के खिलाफ हिसार पुलिस की लड़ाई दो स्तरों पर जारी है। एक तरफ तो नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर नशे की चपेट में आए लोगों को नशा मुक्त करवाकर उनका जीवन फिर से पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।