हिसार में नशा छोड़ने की राह में अकेला नहीं कोई, घर की चौखट तक पहुंच रही पुलिस

हिसार जिले में नशे के खिलाफ पुलिस का अभियान अब और तेज हो गया है। यह अभियान अब केवल जागरूकता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि नशा पीड़ितों तक सीधी सहायता पहुंचाने पर भी पूरा ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसी कड़ी के तहत जिला पुलिस की नशा मुक्ति टीम ने विशेष रूप से आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव मोडाखेड़ा और आदमपुर मंडी में एक बड़ा जागरूकता अभियान चलाया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को नशे के गंभीर दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और नशा तस्करों की गुप्त सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील करना है।
गांवों में नुक्कड़ सभाओं का आयोजन और नुकसान की जानकारी
नशा मुक्ति टीम ने गांवों में जाकर नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया है। इन सभाओं के माध्यम से टीम ने ग्रामीणों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान की बहुत ही विस्तार से जानकारी दी है। टीम ने सभी ग्रामीणों से यह भी आह्वान किया है कि वे नशे के खिलाफ चल रहे पुलिस अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। इसके साथ ही अपने आसपास के युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोकने के लिए परिवार और समाज के स्तर पर बड़े पैमाने पर जागरूकता फैलाने की अपील की है।
नशा पीड़ितों की पहचान और घर तक आयुर्वेदिक दवा की पहुंच
इस विशेष अभियान के दौरान मोडाखेड़ा क्षेत्र में कुल तीन नशा पीड़ितों की पहचान की गई है। इसके अलावा, नशा मुक्ति पुलिस टीम ने कुल आठ नशा पीड़ितों के घर पहुंचकर उन्हें पहली बार आयुर्वेदिक दवा उपलब्ध करवाई है। टीम ने इन सभी नशा पीड़ितों और उनके परिवार के सदस्यों से आमने-सामने बातचीत की। टीम ने उन्हें नशे की बुरी आदत से बाहर आने के लिए निरंतर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग का सहयोग लेने के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया है।
नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
पुलिस टीम ने सभी ग्रामीणों से यह भी अपील की है कि वे नशे की बिक्री और सप्लाई से जुड़े लोगों की गुप्त जानकारी बेझिझक पुलिस के साथ साझा करें। पुलिस प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के नियमों के अनुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।