हिसार में पेट्रोल पंप बंद करेंगे कैशलेस सुविधा, दो हजार से ऊपर यूपीआई भुगतान पर शुल्क का विरोध

हिसार में पेट्रोल पंप बंद करेंगे कैशलेस सुविधा, दो हजार से ऊपर यूपीआई भुगतान पर शुल्क का विरोध

हिसार में पेट्रोल पंप संचालकों ने दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर शुल्क का विरोध शुरू कर दिया है। पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने वित्त मंत्री को पत्र भेजा है और राहत न मिलने पर सिर्फ कैश में तेल देने की चेतावनी दी है। हिसार जिले में कुल 146 पेट्रोल पंप मौजूद हैं।

पेट्रोल पंपों पर एमडीआर शुल्क का विरोध

पेट्रोल पंपों पर दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर प्रस्तावित पांच रुपये के मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर को लेकर हरियाणा के पेट्रोल पंप डीलरों ने विरोध शुरू कर दिया है। ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पूरी को पत्र भेजा है। एसोसिएशन ने पत्र भेजकर पेट्रोल पंपों को इस शुल्क से पूरी तरह छूट देने की मांग की है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि राहत नहीं मिली तो प्रदेशभर के पेट्रोल पंपों पर दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान लेना बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद केवल कैश भुगतान की व्यवस्था अपनाई जा सकती है।

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15 अक्टूबर से लागू होनी है नई यूपीआई शुल्क व्यवस्था

यह नई यूपीआई शुल्क व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होने की जानकारी सामने आई है। सामान्य तौर पर दो हजार रुपये से अधिक के कुछ व्यापारियों के यूपीआई लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर प्रस्तावित किया गया है। दूसरी ओर ईंधन क्षेत्र के लिए दो हजार रुपये से अधिक के लेन-देन पर पांच रुपये का फ्लैट शुल्क रखा गया है। यह शुल्क ग्राहक के बजाय सीधे मर्चेंट यानी दुकानदार से लिया जाना है।

कम मार्जिन और मुनाफे पर पड़ेगा सीधा असर

ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के जिला प्रधान राजकुमार सलेमगढ़ ने शुक्रवार को बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंपों का कारोबार बेहद कम मार्जिन पर चलता है। डीलर को प्रति लीटर डीजल पर करीब दो रुपये और पेट्रोल पर करीब तीन रुपये का मार्जिन मिलता है। ऐसे में यदि कोई ग्राहक 2100 रुपये का पेट्रोल यूपीआई से खरीदता है, तो पांच रुपये की कटौती डीलर के मार्जिन पर सीधा असर डालेगी। उनका यह भी कहना है कि बड़े वाहनों और फुल टैंक भरवाने वाले ग्राहकों में दो हजार रुपये से अधिक के डिजिटल भुगतान की संख्या काफी अधिक है। इसलिए इसका असर छोटे और ग्रामीण पेट्रोल पंपों पर सबसे ज्यादा पड़ सकता है।

हरियाणा में पेट्रोल पंपों और ईंधन बिक्री के आंकड़े

एसोसिएशन के अनुसार पूरे हरियाणा में करीब 4469 पेट्रोल पंप संचालित हो रहे हैं। इनमें से लगभग 2547 पेट्रोल पंप स्वतंत्र डीलरशिप पर चल रहे हैं। गुरुग्राम में 232, फरीदाबाद में 166 और हिसार में 146 पेट्रोल पंप बताए गए हैं। डीलर्स का यह भी दावा है कि प्रदेश में प्रतिदिन करीब 1.2 से 1.5 करोड़ लीटर डीजल की बिक्री होती है। इसके अलावा प्रतिदिन करीब 50 से 65 लाख लीटर पेट्रोल की बिक्री होती है। कुल ईंधन कारोबार में डिजिटल भुगतान की हिस्सेदारी भी इस समय काफी अधिक बनी हुई है।

एसोसिएशन की प्रमुख मांगें और छूट की अपील

राजकुमार सलेमगढ़ ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल पंप संचालक डिजिटल भुगतान के बिल्कुल भी खिलाफ नहीं हैं। हालांकि अपने निर्धारित और सीमित मार्जिन के कारण एमडीआर का अतिरिक्त बोझ उठाना उनके लिए बेहद मुश्किल है। एसोसिएशन ने पेट्रोल पंपों को दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर एमडीआर से पूरी तरह मुक्त रखने की मांग की है। इसके अलावा ईंधन क्षेत्र में जीरो-एमडीआर व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है। साथ ही कम बिक्री वाले ग्रामीण और छोटे पेट्रोल पंपों को विशेष राहत दिए जाने की मांग भी उठाई गई है।

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