हिसार कृषि विश्वविद्यालय में निकाली गई जागरूकता रैली, स्वयंसेवकों ने लिया नशा मुक्त समाज का संकल्प

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की ओर से रविवार को नशे के खिलाफ एक जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली में करीब 400 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। साथ ही समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए सामूहिक संकल्प दिलाना भी इस रैली का मुख्य उद्देश्य रहा।
एनएसएस के इतिहास और उद्देश्यों की दी गई जानकारी
राष्ट्रीय सेवा योजना अवार्डी एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. भगत सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को एनएसएस के इतिहास, उद्देश्यों और विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि एनएसएस का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में सेवा भावना विकसित करना है। इसके अलावा यह विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण की भावना भी विकसित करता है।
ड्रग काउंसलर ने बताए नशे के दुष्प्रभाव और समस्याएं
जिला नागरिक अस्पताल के ड्रग काउंसलर राहुल शर्मा ने रविवार को कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया। उन्होंने नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने नशे से होने वाली सामाजिक, शारीरिक और मानसिक समस्याओं के बारे में भी बताया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें और अपने साथियों तथा समाज के अन्य लोगों को भी इसके खिलाफ जागरूक करें।
पोस्टरों के माध्यम से प्रस्तुत किए गए रचनात्मक विचार
कार्यक्रम के दौरान सभी स्वयंसेवकों को नशा मुक्त समाज के निर्माण की शपथ दिलाई गई। मंच का संचालन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर डागर द्वारा किया गया। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों को समाज सेवा और जन-जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। इस रैली का आयोजन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. दीपक कौशिक और डॉ. लोचन शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। रैली के दौरान सभी स्वयंसेवकों ने पोस्टरों के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों को दिखाया। उन्होंने स्वस्थ और नशा मुक्त जीवन के महत्व को बहुत ही रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया।