हिसार में लंपी संदिग्ध गोवंश के सैंपल जांच के लिए भेजे गए, पशुपालन विभाग ने तेज किए बचाव कार्य

हिसार में लंपी संदिग्ध गोवंश के सैंपल जांच के लिए भेजे गए, पशुपालन विभाग ने तेज किए बचाव कार्य

हिसार में लंपी संदिग्ध गोवंश के मामले सामने आने के बाद पशुपालन विभाग की टीम ने निरीक्षण किया है। नारनौंद क्षेत्र में गोवंश में लंपी रोग की आशंका को देखते हुए पशुपालन विभाग ने निगरानी और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। जिला पशु रोग निदान प्रयोगशाला हिसार की टीम ने शनिवार को गांव कापड़ो और राजथल पहुंचकर लंपी संदिग्ध गोवंश की जांच की है।

संदिग्ध पशुओं के सैंपल जांच के लिए भेजे गए

संदिग्ध पशुओं के सैंपल लेकर जिला पशु रोग निदान प्रयोगशाला हिसार भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पशुओं में लंपी वायरस की पुष्टि या स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पशुपालन विभाग की टीम में कापड़ो के पशु चिकित्सक डॉ. अमित शर्मा, नारनौंद के पशु चिकित्सक डॉ. विनय तथा जिला पशु रोग निदान प्रयोगशाला हिसार की डॉ. सुजाता के नेतृत्व में टीम शामिल रही है।

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गौशालाओं में शिविर लगाकर किया गया टीकाकरण

टीम सबसे पहले कापड़ो गौशाला पहुंची है। वहां सामाजिक संगठनों, गौशाला संचालकों और गौरक्षा समिति के सदस्यों के साथ बैठक की गई है। लंपी रोग से बचाव, संदिग्ध पशुओं की पहचान और देखभाल को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। गौशाला में शिविर लगाकर संदिग्ध गोवंश की जांच की गई है और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करवाने के साथ टीकाकरण भी किया गया है।

राजथल गांव में दो गायों की हो चुकी है मौत

इसके बाद टीम राजथल पहुंची है, जहां पिछले दिनों गोवंश में लंपी रोग की आशंका सामने आई थी। यहां दो गायों की मौत भी हो चुकी है। टीम ने संदिग्ध पशुओं की जांच कर सैंपल लिए हैं और आवश्यक टीकाकरण किया है। दलशेर आर्य ने बताया कि कापड़ो गौशाला में भी बीमारी की रोकथाम के लिए शिविर लगाकर आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करवाई गई हैं।

पशुपालकों के लिए पशुपालन विभाग की सलाह

उन्होंने पशुपालकों से अपील की है कि लक्षण दिखाई देने पर घबराएं नहीं और बीमार पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग रखते हुए तत्काल पशुपालन विभाग से संपर्क करें। डॉ. अमित शर्मा ने बताया कि विभाग लंपी रोग को लेकर निगरानी, जांच, टीकाकरण और उपचार की प्रक्रिया चला रहा है। त्वचा पर गांठें, बुखार, सुस्ती या भूख में कमी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सक को सूचना दें। लिए गए सैंपलों की जांच के बाद ही लंपी वायरस की पुष्टि हो सकेगी।

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