हिसार में लंपी स्किन डिजीज से जूझ रहे 23 गौवंश, सात की मौत, मदद के इंतजार में अस्थायी आइसोलेशन सेंटर

हिसार के कैमरी रोड पर राधा स्वामी आश्रम के पास बनाए गए अस्थायी आइसोलेशन सेंटर में लंपी स्किन डिजीज से ग्रस्त गौवंश का इलाज किया जा रहा है। इस केंद्र में अब तक 23 बीमार गौवंश लाए जा चुके हैं और इनमें से सात गौवंश की मौत हो चुकी है।
- हिसार के कैमरी रोड पर राधा स्वामी आश्रम के समीप बनाया गया है अस्थायी आइसोलेशन सेंटर।
- लंपी स्किन डिजीज से ग्रस्त 23 बीमार गौवंश लाए गए हैं इस केंद्र में।
- उपचार के दौरान अब तक कुल सात गौवंश की हो चुकी है मौत।
- केंद्र में चारे, दवाइयों और शेड के लिए लगातार की जा रही है सहयोग की अपील।
हिसार में लंपी बीमारी से जूझ रहे गौवंश
हिसार, 02 अक्टूबर। लंपी स्किन डिजीज से ग्रस्त गौवंश के उपचार के लिए गौ रक्षा संगठन की तरफ से कैमरी रोड स्थित राधा स्वामी आश्रम के पास एक अस्थायी आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है। इस अस्थायी आइसोलेशन सेंटर में अब तक 23 बीमार गौवंश लाए जा चुके हैं। इन सभी बीमार गौवंश में से सात की मौत हो चुकी है।
गौ रक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजपाल ने शुक्रवार को इस बारे में पूरी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि यह आंकड़ा केवल इसी अस्थायी केंद्र का है। शहर और जिले के अन्य स्थानों पर लंपी से कितने गौवंश प्रभावित हैं और कितनों की मौत हुई है, इसका कोई समेकित आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
केंद्र में आए विभिन्न बीमार गौवंश का विवरण
राजपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस केंद्र में अब तक 11 बछड़ियां, चार गाय और आठ नंदी लाए गए हैं। इन सभी आए हुए बीमार पशुओं में से तीन बछड़ियां, दो गाय और दो नंदियों की मौत हो चुकी है।
उन्होंने पुरानी घटना को याद करते हुए बताया कि 18 सितंबर को कैमरी रोड पर एक बीमार बछड़ी को ले जाने के लिए कोई भी गौशाला की एंबुलेंस तैयार नहीं हुई थी। इसके बाद उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ एक जरूरी बैठक की थी।
संगठन और समाजसेवियों के सहयोग से बना सेंटर
संगठन के पदाधिकारियों में सत्यवान, अंकित, मनीष, गोल्डी, चंदन, हितेष, अरमान, दर्शन, देव, पंकज और परिक्षित शामिल थे। इन सभी ने बैठक के बाद समाजसेवी विनोद गावडिय़ा से संपर्क किया।
समाजसेवी विनोद गावडिय़ा ने राधा स्वामी सत्संग आश्रम के पास करीब 2500 वर्ग गज जगह अस्थायी आइसोलेशन सेंटर के लिए उपलब्ध करवा दी। इस केंद्र पर वेटर्नरी सर्जन डॉ. रजत अपनी निशुल्क सेवाएं दे रहे हैं।
एक के बाद एक लगातार पहुंचते रहे बीमार गौवंश
राजपाल के अनुसार, 19 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मंगाली, कुरुक्षेत्र, तलवंडी राणा, भिवानी, बाढड़ा, बरवाला, किकराल, माजरा प्याऊ, दुर्जनपुर, हांसी और सरसाना समेत विभिन्न स्थानों से बीमार गौवंश यहां लाए गए हैं।
शुक्रवार को सरसाना के एक पशुपालक ने एक गाय और एक बछड़ी तथा तलवंडी राणा गौशाला की एंबुलेंस ने एक नंदी केंद्र में छोड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र के लिए अब तक कुल 3700 रुपये की आर्थिक सहायता मिली है।
आर्थिक सहायता और जरूरी सामान की मांग
शुक्रवार को सरसाना के पशु पालक ने 1600 रुपये तथा किक्रَالَ और माजरा प्याऊ के पशुपालकों ने 2100 रुपये दिए हैं। राजपाल ने बताया कि बीमार गौवंश के उपचार के लिए हल्दी पाउडर, अजवायन, देसी घी, दलिया, दवाइयां, हरा चारा और गुड़ की जरूरत है।
अस्थायी केंद्र में शेड लगाने के लिए कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा को उनके भतीजे के माध्यम से ज्ञापन भी दिया गया है, लेकिन अभी तक कोई सहायता नहीं मिली है। उन्होंने सभी लोगों से केंद्र पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लेने और अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करने की अपील की है।