हिसार अनाज मंडी में जलभराव पर मंत्री रणबीर गंगवा ने अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकार, दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

हिसार अनाज मंडी में जलभराव पर मंत्री रणबीर गंगवा ने अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकार, दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

हिसार की अनाज मंडी में बरसाती मौसम के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या को लेकर कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है। यह बैठक अधिकारियों और आढ़तियों के साथ आयोजित की गई थी। इस बैठक में अनाज मंडी से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई। - हिसार अनाज मंडी जलभराव मामला

  • कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा की सख्त चेतावनी
  • मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों को लगाई फटकार
  • दो दिन में सभी तोल कांटे दुरुस्त करने के निर्देश

जल निकासी की स्थायी परियोजना तैयार करने के निर्देश

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कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों को जल्द से जल्द जल निकासी की स्थायी परियोजना तैयार कर मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए हैं। बैठक में पहले जारी किए गए निर्देशों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई थी। इस पर मंत्री ने मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि समस्याओं का स्थायी समाधान निकालना इंजीनियर्स की मुख्य जिम्मेदारी है।

उच्च अधिकारियों से खुद बात करने का आश्वासन

मंत्री ने मंगलवार को विशेष निर्देश दिए कि गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के समीप ड्रेनेज अथवा ऋषि नगर के समीप ड्रेन से जल निकासी की परियोजना तैयार की जाए। इस तैयार की गई परियोजना को तुरंत मुख्यालय भेजा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना को समय पर मंजूरी दिलाने के लिए वह स्वयं उच्चाधिकारियों से बातचीत करेंगे। जरूरत पड़ने पर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मदद लेने के भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

तोल कांटे दुरुस्त करने की सख्त हिदायत

अधिकारियों और आढ़तियों के साथ हुई इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान अनाज मंडी के तोल कांटों के खराब होने का मुद्दा भी सामने आया। इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लेते हुए मंत्री ने तोल कांटों की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी खराब तोल कांटों को अगले दो दिन के भीतर हर हाल में दुरुस्त करवाने की सख्त हिदायत दी है।

जमीनी स्थिति की निगरानी और कार्रवाई की चेतावनी

मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि वे केवल कागजों में व्यवस्थाओं की समीक्षा बिल्कुल न करें। अधिकारियों को मंडियों में खुद जाकर जमीनी स्थिति की लगातार निगरानी करनी चाहिए। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि काम में लापरवाही और नकारात्मक रवैया रखने वाले अधिकारियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि कार्यप्रणाली में जल्द सुधार नहीं किया गया, तो ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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