हिसार के गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय सार्वभौमिक मानवीय मूल्य एफडीपी कार्यक्रम शुरू

गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय सार्वभौमिक मानवीय मूल्य यानी यूएचवी फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम यानी एफडीपी का वीरवार को शुभारंभ किया गया है। इस कार्यक्रम में 50 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।
विश्व कल्याण का आधार
उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विजय कुमार ने कहा कि सार्वभौमिक मानवीय मूल्य केवल किताबों में पढ़ने का विषय नहीं हैं। इन मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने की आवश्यकता है। ‘जीओ और जीने दो’ का भारतीय ज्ञान परंपरा का सिद्धांत ही वास्तव में विश्व कल्याण का सिद्धांत है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जीवन में उलझाव बढ़ रहा है। संवाद की प्रक्रिया भी बदल गई है। गुणवत्ता का वास्तविक अर्थ समाज के लिए उपयोगी होना है। यह कार्यशाला प्रतिभागियों को अपनी मूल जड़ों से जोड़ने का काम करेगी। यह कार्यशाला प्रतिभागियों को सकाम से निष्काम भक्ति की ओर ले जाने का कार्य करेगी।
शिक्षा और मानवीय मूल्य
कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. विजय कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जिससे विद्यार्थियों को भय और विकारों से मुक्ति मिले। विद्यार्थियों में कौशल के साथ मानवीय मूल्यों का होना भी जरूरी है। शिक्षक यदि विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों का विकास करना चाहते हैं तो उन्हें स्वयं श्रेष्ठ आचरण प्रस्तुत करना होगा।
कार्यक्रम के विशेषज्ञ और संचालक
यह कार्यक्रम एआईसीटीई से स्वीकृत है। इस कार्यक्रम में डॉ. हिमांशु राय विशेषज्ञ वक्ता हैं। डॉ. आभा मिश्रा सह-संचालक के रूप में कार्य कर रही हैं और डॉ. मंगलदीप पर्यवेक्षक हैं। डॉ. चरणजीत मदान और डॉ. विजय पाल स्थानीय संयोजक हैं। डॉ. विजय पाल ने स्वागत संबोधन में कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। डॉ. चरणजीत मदान ने धन्यवाद ज्ञापित किया। डॉ. आभा मिश्रा ने एफडीपी के नियमों और व्यवस्थाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में 50 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।