हिसार में चेक बाउंस मामले में डॉक्टर रामफल को एक साल की साधारण कैद और 4.36 लाख रुपये मुआवजे का आदेश

हिसार जिले से एक बड़ा मामला सामने आया है। हिसार की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सचिन सिंघल की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने तलवंडी राणा निवासी डॉक्टर रामफल को दोषी ठहराया है। अदालत ने डॉक्टर रामफल को एक साल की साधारण कैद की सजा सुनाई है।
यह पूरा मामला शिकायतकर्ता गांव ठसका निवासी रिछपाल सिंह की शिकायत से संबंधित है। शिकायत के अनुसार डॉक्टर रामफल ने जून 2020 में रिछपाल सिंह से 3 लाख 6 हजार रुपये लिए थे। रकम लौटाने के लिए डॉक्टर ने 1 लाख 50 हजार और 1 लाख 56 हजार रुपये के दो चेक जारी किए थे।
ये दोनों चेक 23 मार्च 2022 को बैंक में लगाए गए थे। बैंक खाते में पर्याप्त रकम नहीं होने के कारण दोनों चेक बाउंस हो गए। इसके बाद 8 अप्रैल 2022 को डॉक्टर रामफल को कानूनी नोटिस भेजा गया था। लेकिन निर्धारित अवधि के भीतर रकम का भुगतान नहीं किया गया।
सुनवाई के दौरान डॉक्टर रामफल ने चेक पर अपने हस्ताक्षर होने की बात स्वीकार की थी। हालांकि उन्होंने शिकायतकर्ता से रकम लेने से पूरी तरह इनकार किया था। उन्होंने अपने बचाव में कहा था कि राइट वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय से उनके हस्ताक्षर किए हुए चेक और दस्तावेज चोरी हो गए थे। बाद में उन चोरी हुए दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया गया था।
अदालत ने मामले में पेश किए गए दस्तावेजों में दर्ज एक लाख 50 हजार और एक लाख 56 हजार रुपये की रकम को बहुत महत्वपूर्ण माना। ये दोनों रकम चेक में लिखी राशि से पूरी तरह मेल खाती थीं। अदालत ने डॉक्टर की ओर से दी गई सफाई को बिल्कुल स्वीकार नहीं किया।
अदालत ने 14 सितंबर को डॉक्टर रामफल को परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया था। अदालत ने बुधवार को दिए अपने फैसले में डॉक्टर को शिकायतकर्ता रिछपाल सिंह को चार लाख 36 हजार रुपये मुआवजे के तौर पर देने का आदेश दिया है। इस मुआवजे की राशि में चेक की रकम पर नौ प्रतिशत साधारण ब्याज भी शामिल किया गया है।
यह पूरी रकम 30 दिन के भीतर जमा करनी होगी। डॉक्टर रामफल को निर्धारित 30 दिन की अवधि में मुआवजे की रकम जमा करनी होगी। यदि वह यह रकम जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें छह माह की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी।