हिसार डीसी कार्यालय में ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए वर्दी और नेम प्लेट अनिवार्य, आदेश लागू

सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और कार्यशैली में सुधार लाने के लिए जिला प्रशासन ने एक नया आदेश जारी किया है। हिसार के उपायुक्त कार्यालय में कार्यरत सभी ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए ड्यूटी के दौरान निर्धारित वर्दी और नेम प्लेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नया आदेश बुधवार से लागू कर दिया गया है और इसका पालन करना सभी कर्मचारियों के लिए जरूरी है।
लागू हुआ आदेश और पहले दिन की स्थिति
आदेश लागू होने के पहले दिन कई कर्मचारी बिना वर्दी के कार्यालय पहुंचे। प्रशासन की तरफ से उन्हें फिलहाल हिदायत देकर छोड़ दिया गया है। कुछ कर्मचारियों ने वर्दी सिलवाने की बात कही है। उन कर्मचारियों का यह कहना था कि अब तक उन्हें वर्दी सिलवाने की जरूरत नहीं पड़ी थी।
प्रशासन की ओर से जारी हुआ आधिकारिक पत्र
उपायुक्त कार्यालय की स्थापना शाखा की ओर से इस संबंध में एक आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। इस पत्र में उपायुक्त द्वारा दिए गए मौखिक निर्देशों का धरातल पर सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने आदेश में यह बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि 16 सितंबर या इसके बाद कोई भी ग्रुप-डी कर्मचारी बिना वर्दी अथवा नेम प्लेट के कार्यालय में ड्यूटी करता पाया जाएगा। यदि कोई ऐसा करता है तो इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा और ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
आम लोगों को होगी आसानी और बिचौलियों पर कसेगी नजर
प्रशासन के इस फैसले का एक मुख्य उद्देश्य कार्यालय में आने वाले आम लोगों के लिए कर्मचारियों की पहचान आसान करना भी है। कई बार कार्यालय आने वाले आम लोगों को यह पता नहीं चल पाता कि कार्यालय में कौन कर्मचारी है और कौन बाहरी व्यक्ति है। वर्दी और नेम प्लेट होने से कर्मचारियों की पहचान तत्काल हो सकेगी। इसके साथ ही प्रशासन का यह भी मानना है कि वर्दी अनिवार्य होने से कार्यालय परिसर में अनधिकृत रूप से घूमने वाले लोगों और बिचौलियों पर भी नजर रखने में मदद मिलेगी। वर्दी लागू होने से कर्मचारियों में अनुशासन की भावना बढ़ाने और कार्यालय की कार्यशैली को अधिक व्यवस्थित बनाने का पूरा प्रयास किया गया है।