हिसार में बीपीएल कार्ड धारकों को राशन डिपो पर नहीं मिला सरसों का तेल और बाजरा

प्रदेश की अनाज मंडियों में सुविधाओं को तरसे धरतीपुत्र। हिसार से सामने आई बड़ी खबर के अनुसार, आम आदमी पार्टी ने हरियाणा प्रदेश की अनाज मंडी में किसानों व उनकी फसलों के लिए कोई विशेष व्यवस्था न किए जाने पर चिंता जाहिर की है। बारिश के मौसम में फसल भीगने के कारण होने वाले भारी नुकसान पर भी पार्टी ने चिंता जताई है।
मंडियों में किसानों की समस्याएं
पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य व हांसी जिला के पार्टी अध्यक्ष राजेन्द्र सोरखी ने बुधवार को कहा है कि मंडियों में इन दिनों फसलों की आवक हो रही है। पर्याप्त शेड न होने की वजह से किसानों को अपनी फसल खुले आसमान के नीचे सड़कों पर रखने के लिए मजबूर किया जाना पड़ रहा है। अभी बारिश का सीजन चल रहा है और कुछ दिनों पूर्व भी बारिश ने प्रदेश भर में करोड़ों की फसल का नुकसान कर दिया था। अभी कुछ दिन और भी वर्षा के आने की संभावना बनी हुई है।
मंडियों में शेड का अभाव
उन्होंने कहा कि प्रदेश की अनेकों ऐसी मंडियां है जिनमें 20-25 साल बीतने पर भी एक भी नए शेड का निर्माण नहीं किया गया है। जबकि फसल हर वर्ष कुछ न कुछ बढ़त के साथ ही मंडियों में पहुंचती है। फसलों की समय पर खरीद, उठान, सुरक्षा व सफाई व्यवस्था न होने से किसानों में भाजपा सरकार के प्रति गहरा रोष बना हुआ है। हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार घोषणाएं तो बहुत कर रही है लेकिन धरातल पर कुछ काम होता दिखाई नहीं दे रहा है।
सरकार की नीतियों पर सवाल
प्रदेश सरकार की नीतियों से आज हर वर्ग दुखी व परेशान है तथा सड़कों पर न्याय के लिए आंदोलन कर रहा है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र सोरखी ने कहा है कि सरकार के आदेशों पर सितंबर माह में राशन डिपो पर सरसों का तेल व बाजरा वितरित नहीं किया गया है। सरकार ने बीपीएल कार्ड धारकों व उनके परिवार के बारे में इतना भी नहीं सोचा कि जरूरतमंद लोग अपना गुजारा कैसे करेंगे।
भ्रष्टाचार और मूलभूत सुविधाएं
जहां मुख्यमंत्री पंजाब के दौरों में व्यस्त हैं, वहीं हरियाणा के मंत्री विकास के नाम पर जनता को बरगलाने में लगे हुए हैं। सरकार की अधिकारियों पर कोई पकड़ नहीं है। सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार का बोलबाला बना हुआ है। सरकार जनता को मूलभूत सुविधाएं दिलाने में पूरी तरह से असफल रही है। सरकार प्रदेश की सभी अनाज मंडियों में किसानों की सुविधाओं के लिए व फसलों को नुकसान से बचाने के लिए तुरंत कड़े कदम उठाए।