हिसार में एडवोकेट संतलाल अंबेडकर पर जानलेवा हमले की कोशिश का गंभीर आरोप, पुलिस अधीक्षक को दी गई शिकायत

हिसार जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। भीम आर्मी भारत एकता मिशन के पदाधिकारियों ने एडवोकेट और प्रदेश महासचिव संतलाल अंबेडकर पर कथित जानलेवा हमले के प्रयास का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक के नाम एक औपचारिक शिकायत दी गई है। संगठन ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। इसके साथ ही आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। संगठन ने एडवोकेट संतलाल अंबेडकर और उनके पूरे परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की भी जोरदार मांग की है।
कौशिक नगर बैठक और लघु सचिवालय धरने का मामला
शिकायतकर्ता संतलाल अंबेडकर ने शुक्रवार को यह बड़ा आरोप लगाया कि 22 सितंबर को कौशिक नगर में एक सामाजिक बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक के बाद जब वह लौट रहे थे, तब रास्ते में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियां सामने आईं। शिकायत के अनुसार, एक व्यक्ति के पास हथियार होने की आशंका भी जताई गई है। इसके बाद कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उनका लगातार पीछा किए जाने का गंभीर आरोप भी लगाया गया है। इसके अगले ही दिन यानी 23 सितंबर को लघु सचिवालय के बाहर चल रहे धरने के दौरान भी ऐसी ही संदिग्ध गतिविधियां होने की बात इस शिकायत में कही गई है।
पुराना विवाद और धमकियों का जिक्र
दी गई शिकायत में सुरेंद्र भोरिया और सुरेंद्र चौटी सातरोड़ सहित कुछ अन्य व्यक्तियों के साथ पुराने विवाद का भी पूरा उल्लेख किया गया है। इसके अलावा इन लोगों द्वारा धमकी दिए जाने संबंधी शिकायतें पहले भी दिए जाने की बात कही गई है। इस शिकायत में कुछ युवकों के आदमपुर क्षेत्र से ताल्लुक रखने की बात भी कही गई है। शिकायतकर्ता ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि पूर्व समय में भी उन पर हमला करवाने और गंभीर नुकसान पहुंचाने की धमकियां दी जा चुकी हैं।
भीम आर्मी पदाधिकारियों की पुलिस अधीक्षक से प्रमुख मांगें
भीम आर्मी के सभी पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक से यह मुख्य मांग की है कि इस मामले की बहुत ही गंभीरता से जांच कराई जाए। संगठन ने मांग की है कि घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और अन्य सभी उपलब्ध साक्ष्यों की बारीकी से जांच कराई जानी चाहिए। पुलिस की जांच में यदि यह तमाम आरोप पूरी तरह सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही एडवोकेट संतलाल अंबेडकर और उनके परिवार की सुरक्षा को पूरी तरह सुनिश्चित किया जाए।