हिसार: गेहूं की फसल के दुश्मन गुल्ली-डंडा खरपतवार पर HAU करेगा बड़ा शोध, नए रसायन खोजे जाएंगे

हिसार: गेहूं की फसल के दुश्मन गुल्ली-डंडा खरपतवार पर HAU करेगा बड़ा शोध, नए रसायन खोजे जाएंगे

हिसार में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक गेहूं की फसल के लिए लगातार चुनौती बन रहे शाकनाशी-प्रतिरोधी गुल्ली-डंडा खरपतवार के नियंत्रण के लिए नए रसायनों की खोज करेंगे। शाकनाशी प्रतिरोधी खरपतवार के नियंत्रण के लिए 27.19 लाख रुपये की परियोजना मंजूर की गई है। इस शोध का मुख्य उद्देश्य ऐसे प्रभावी शाकनाशियों का विकास करना है जो उन गुल्ली-डंडा खरपतवारों पर भी असरदार साबित हों जिन पर पहले इस्तेमाल किए जाने वाले रसायनों का प्रभाव कम हो गया है।

इसके लिए हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद एवं हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष ने दो वर्षीय शोध परियोजना को मंजूरी देते हुए 27.19 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इस परियोजना के तहत शाकनाशी-प्रतिरोधी गुल्ली-डंडा के विरुद्ध नए रसायनों के डिजाइन, विकास, उनकी संरचना और उपयोग का अध्ययन किया जाएगा। गुल्ली-डंडा को लिटिल सीड कैनरी ग्रास के नाम से भी जाना जाता है और यह गेहूं की फसल में पाया जाने वाला प्रमुख खरपतवार है। कई क्षेत्रों में इसके शाकनाशियों के प्रति प्रतिरोधी होने के कारण किसानों के सामने इसके प्रभावी नियंत्रण की समस्या बढ़ती जा रही है।

किसानों को मिलेगा लाभ

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यह शोध सफल होने पर किसानों को प्रतिरोधी खरपतवारों के बेहतर प्रबंधन में मदद मिल सकती है। इससे गेहूं की फसल में खरपतवार से होने वाले नुकसान को कम करने, उत्पादकता बढ़ाने और खेती की लागत नियंत्रित करने में सहायता मिलने की उम्मीद है। मौजूदा शाकनाशियों पर निर्भरता घटाने की दिशा में भी यह शोध महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

शोध टीम और विश्वविद्यालय के अधिकारियों की उपस्थिति

इस परियोजना का नेतृत्व हकृवि के रसायन विज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. जयंत सिंधु करेंगे। डॉ. अनिल दुहन और डॉ. वीरेंद्र सिंह हुड्डा सह-अन्वेषक के रूप में इस शोध में अपना योगदान देंगे। कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने मंगलवार को कहा कि कृषि क्षेत्र की नई चुनौतियों के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए इस तरह के शोध कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इस अवसर पर ओएसडी डॉ. अतुल ढींगड़ा, मौलिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. राजेश गेरा, रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. रजनीकांत शर्मा और मीडिया एडवाइजर डॉ. संदीप आर्य उपस्थित रहे।

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