हिसार में कृषि विज्ञान-मीडिया संवाद सेतु कार्यक्रम आयोजित, किसानों तक शोध पहुंचाने में मीडिया की भूमिका अहम

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) हिसार में कृषि विज्ञान-मीडिया संवाद सेतु कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शुभ लाभ भारतीय अर्थव्यवस्था के साधक के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इसके अलावा, पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
- हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार में कृषि विज्ञान-मीडिया संवाद सेतु कार्यक्रम हुआ आयोजित।
- कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज और पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर ने की शिरकत।
- कृषि अनुसंधान और तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने पर हुई चर्चा।
हकृवि में कृषि विज्ञान-मीडिया संवाद सेतु कार्यक्रम का आयोजन
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) हिसार में शुभ लाभ भारतीय अर्थव्यवस्था के साधक के संयुक्त तत्वावधान में कृषि विज्ञान-मीडिया संवाद सेतु कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कृषि वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और मीडिया के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करना था। इसके माध्यम से कृषि अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक तकनीकों की प्रमाणिक जानकारी किसानों व आमजन तक सरल एवं प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सके।
कृषि शोध और तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका
कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने सोमवार को कहा कि हकृवि मीडिया के साथ निरंतर और सार्थक संवाद को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि विश्वविद्यालय में हो रहे अनुसंधान, नवाचार और विकसित की जा रही नई कृषि तकनीकों का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंच सके। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान की सार्थकता तभी है, जब उसके परिणाम सीधे खेत और किसान तक पहुंचें। उन्होंने जोर देकर कहा कि वैज्ञानिकों द्वारा विकसित उन्नत किस्मों, नई तकनीकों, फसल प्रबंधन और टिकाऊ कृषि पद्धतियों की जानकारी किसानों तक सरल, सहज और प्रमाणिक रूप में पहुंचाने में मीडिया की अहम भूमिका है।
कृषि क्षेत्र में प्रभावी संचार के चार प्रमुख स्तंभ
मुख्य वक्ता हितेश शंकर ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि संबंधी वैज्ञानिक और उपयोगी जानकारी पहुंचाने में मीडिया की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र में प्रभावी संचार के कुल चार प्रमुख स्तंभ हैं, जो ज्ञान एवं सूचना, संरचना, पारदर्शिता और फीडबैक हैं। इन सभी माध्यमों के जरिए वैज्ञानिक जानकारी किसानों तक आसानी से पहुंचाई जाती है। साथ ही इससे किसानों की समस्याओं और आवश्यकताओं को समझने तथा कृषि से जुड़े मुद्दों पर बेहतर संवाद स्थापित करने में भी बड़ी मदद मिलती है। मीडिया हमेशा से वैज्ञानिकों, किसानों और आमजन के बीच एक प्रभावी सेतु का कार्य करता आया है।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का आभार व्यक्त
इस कार्यक्रम के आयोजक एवं विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. नरेश कौशिक ने सभी उपस्थित वैज्ञानिकों, मीडिया प्रतिनिधियों और अतिथियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। मंच का सफल संचालन अतुल जैन द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिष्ठित प्रतिनिधियों के साथ-साथ विभिन्न महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, निदेशक, अन्य अधिकारी और कई वैज्ञानिक भी भारी संख्या में मौजूद रहे।